यमन के रेड सी तट पर हौथी विद्रोहियों का कब्जा, कहा - अंतरराष्ट्रीय जहाजों और नेविगेशन को नहीं है कोई खतरा.

Nura Basta11 September 20262 min read17 viewsYemen
यमन के रेड सी तट पर हौथी विद्रोहियों का कब्जा, कहा - अंतरराष्ट्रीय जहाजों और नेविगेशन को नहीं है कोई खतरा.

लाल सागर के तटीय इलाकों में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच हौथी पोलित ब्यूरो के सदस्य Hazem al-Assad ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने 11 सितंबर 2026 को साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है, भले ही उनके संगठन ने यमन के लाल सागर तट पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। अल-असाद का यह बयान ऐसे समय आया है जब इस क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दुनिया भर के देशों की नजरें इस समुद्री मार्ग पर टिकी हुई हैं।

लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर क्या बोले अधिकारी

हौथी नेता ने यह भरोसा दिलाया है कि लाल सागर और Bab al-Mandeb Strait में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नेविगेशन पूरी तरह से सुरक्षित और व्यवस्थित हैं। उनका दावा है कि यमन की तरफ से अंतरराष्ट्रीय हितों को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है। हाल ही में हुई कार्रवाई को उन्होंने रक्षात्मक और लक्षित बताया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में किसी भी तरह का ट्रांजिट शुल्क लगाने का उनका कोई इरादा नहीं है। हौथी द्वारा संचालित मानवीय संचालन समन्वय केंद्र ने भी यह बयान जारी किया है कि सऊदी जहाजों को छोड़कर बाकी सभी के लिए नेविगेशन सुरक्षित है।

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जमीनी हालात और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, हौथी बलों ने Mayyun Island और Dhubab शहर पर कब्जा कर लिया है। इससे पहले 10 सितंबर को मोचा शहर के बंदरगाह पर नियंत्रण के बाद उन्होंने पूरे लाल सागर तट पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। बाब अल-मंदेब पर नियंत्रण से वैश्विक चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा शिपमेंट के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण मार्ग है। इस बीच, सऊदी अरब ने शुक्रवार को मोचा के हवाई अड्डे पर एयरस्ट्राइक की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से हौथियों के खिलाफ हमलों को मंजूरी देने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत Hans Grundberg ने 10 सितंबर को चेतावनी दी थी कि संघर्ष एक नए और अधिक खतरनाक चरण में प्रवेश कर गया है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी के अनुसार पिछले एक हफ्ते में 46,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल Brad Cooper सऊदी अरब में क्षेत्रीय अस्थिरता पर चर्चा के लिए बैठकें कर रहे हैं।

अन्य तकनीकी और बाहरी प्रभाव

इस संघर्ष में ईरान की संलिप्तता के आरोप भी लग रहे हैं, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC के मार्गदर्शन और सैकड़ों ईरानी सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी की बात सामने आई है। इसके अलावा तकनीक के मोर्चे पर, एआई कंपनी Anthropic ने उत्तरी यमन के उन यूजर्स को ब्लॉक कर दिया है जो हथियार विकसित करने, खासकर गाइडेड रॉकेट के निर्माण के लिए उसके मॉडल का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे।

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