हुथी मिलिशिया पर सैन्य नुकसान छिपाने का बड़ा आरोप

यमन में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच एक नया और बड़ा मोड़ सामने आया है। गठबंधन सेना के प्रवक्ता ने हाल ही में बयान जारी कर यह खुलासा किया है कि हुथी मिलिशिया अपने भारी सैन्य नुकसान को दुनिया की नजरों से छिपाने की कोशिश कर रही है। इस समय यमन के कई इलाकों में तनाव अपने चरम पर है और आम जनता का गुस्सा भी लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे मिलिशिया पर दबाव काफी बढ़ गया है।
सैन्य अभियानों में तेजी और बड़े हमले
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यमन में सरकारी बलों और हुथी विद्रोहियों के बीच संघर्ष काफी तीव्र हो गया है। सरकारी सैन्य प्रवक्ता मेजर माजिद अल-नाजिली ने जानकारी दी है कि हालिया अभियानों के दौरान भारी मात्रा में हवाई हमले और सटीक निशाने साधे गए। इन ऑपरेशन्स का मुख्य केंद्रTaiz (ताएज) क्षेत्र रहा, इसके साथ ही Sana'a (सना) और Saada (सादा) में भी रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। सरकारी समाचार एजेंसी SABA ने पुष्टि की है कि भीषण झड़पों के बाद सरकारी बलों ने दक्षिण-पूर्वी ताएज में सम'आ किले पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है।
मिसाइल हमलों को हवा में किया गया नाकाम
सीमा पार सुरक्षा को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। गठबंधन सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि सऊदी अरब के Khamis Mushait (खमीस मुशायत) और Jazan (جازان) की ओर दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। इन लगातार हमलों के कारण सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि नागरिकों की रक्षा की जा सके।
मानवीय संकट और स्कूलों में बंदी
इस संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत आम जनता और बच्चों को चुकानी पड़ रही है। मानवीय अधिकारों से जुड़े मामलों की रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा में बड़ी संख्या में नागरिकों की जान गई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इसके साथ ही, World Food Programme (विश्व खाद्य कार्यक्रम) ने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात की वजह से खाद्य सुरक्षा पूरी तरह खतरे में पड़ सकती है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने ताएज के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में आगामी दिनों के लिए कक्षाओं को स्थगित करने का फैसला किया है।