यमन के पश्चिमी तट पर हौथी विद्रोहियों ने दागी 14 मिसाइलें, वायु सेना ने हवा में गिराए कई ड्रोन.

यमन में सुरक्षा हालात एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं जहां 3 सितंबर 2026 को हौथी मिलिशिया ने एक बड़ा हमला करते हुए पश्चिमी तट के इलाकों पर ताबड़तोड़ हमले किए। यमन के सशस्त्र बलों के मीडिया सेंटर से मिली जानकारी के मुताबिक, विद्रोहियों ने ताज़ और होदेइदाह गवर्नरट्स के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए कुल 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। ये सभी मिसाइलें घनी आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास गिराने की कोशिश की गई थी, लेकिन सैन्य सूत्रों ने साफ किया कि ये मिसाइलें उस युद्ध क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाईं जहां यमनी सेना के जवान तैनात हैं और मुकाबला कर रहे हैं।
हौथी ड्रोन्स को हवा में किया गया नाकाम
एक तरफ जहां मिसाइलें दागी जा रही थीं, वहीं दूसरी तरफ यमन की एयर डिफेंस यूनिट ने मुस्तैदी दिखाते हुए हौथी विद्रोहियों के कई खतरनाक ड्रोन्स को हवा में ही रोक लिया। ये सभी ड्रोन ताज़ एक्सिस और पश्चिमी तट के इलाकों के ऊपर उड़ रहे थे, जिन्हें समय रहते नीचे गिरा दिया गया। सेना के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि हवाई खतरों को समय रहते बेअसर करने के लिए यह एक बड़ी कार्रवाई थी, जिससे किसी बड़े नुकसान को टालने में कामयाबी मिली।
अल-काधा सेक्टर में हुई जबरदस्त झड़प
हवाई हमलों के अलावा ज़मीन पर भी दोनों पक्षों के बीच तीखी भिड़ंत देखने को मिली। यमनी सशस्त्र बलों ने ताज़ गवर्नरट के पश्चिम में स्थित अल-बारह एक्सिस के अल-काधा सेक्टर में आपसी फील्ड झड़पों के दौरान दुश्मनों का डटकर मुकाबला किया। इस दौरान जवानों ने वहां सुलगती आग और दुश्मन के खतरों को पूरी तरह से शांत कर दिया और स्थिति पर काबू पा लिया। इस पूरे घटनाक्रम से यमन के तटीय इलाकों में रहने वाले आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, हालांकि सेना लगातार सुरक्षा पुख्ता करने में जुटी हुई है।