रियाद में गठबंधन प्रवक्ता ने बताया हूती मिलिशिया का भारी नुकसान और बाहरी देशों से मिल रही तकनीकी मदद

रियाद: यमन में वैधता का समर्थन करने वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हूती मिलिशिया को दिए गए बड़े नुकसान का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि गठबंधन ने हूतियों के 127 हथियारों के गोदामों, लॉन्च प्लेटफॉर्म और उनके फंड जुटाने वाले मुख्य केंद्रों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।
अल-मलिकी ने कहा कि कुछ क्षेत्रीय पक्षों ने इस मिलिशिया को आधुनिक तकनीक मुहैया कराई है। इसी वजह से हूती पहला ऐसा आतंकवादी समूह बन गया है जिसके पास बैलिस्टिक मिसाइलें, अटैक और सुसाइड ड्रोन और जाल बिछाए हुए स्पीडबोट्स मौजूद हैं।
गठबंधन ने हूतियों के कई फंडिंग हब को निशाना बनाया है। इनमें सना का अल-सबाह सेंट्रल स्टेशन, होदेइदा में रास इस्सा के समुद्री बर्थ और होदेइदा व डुमर के ईंधन डिपो शामिल हैं। इसके अलावा सना, सादा और अमरान के पहाड़ी इलाकों में मिसाइल डिपो, सुरंगों और लॉन्च प्लेटफॉर्म को भी तबाह किया गया है।
प्रवक्ता ने जानकारी दी कि गठबंधन ने क्रूज मिसाइलों को बीच में ही रोका और शाहेद व समद ड्रोन को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की सेना अपनी संप्रभुता, नागरिकों, निवासियों और पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए बेहद उन्नत कॉम्बैट और एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है।
हूतियों ने बंदरगाहों, तेल सुविधाओं और हवाई अड्डों को निशाना बनाने की कोशिश की है। अक्टूबर से अब तक किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 20 हमले किए गए हैं। अल-मलिकी ने मक्का और मदीना पर हमले की कोशिशों, नागरिक उड्डयन और लाल सागर में समुद्री नेविगेशन को दी गई धमकियों की कड़ी निंदा की।
हताहतों के आंकड़ों पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों में 17 लोगों की मौत हुई और 333 घायल हुए। वहीं अबहा एयरपोर्ट पर हुए हमले में तीन लोगों की जान गई और 28 लोग घायल हुए।
अल-मलिकी के मुताबिक, ऑपरेशन्स की शुरुआत से अब तक हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ 1,104 मिसाइलें और 1,135 ड्रोन दागे हैं। उन्होंने दोहराया कि गठबंधन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के प्रति प्रतिबद्ध है और हूती नेटवर्क को खत्म करने के साथ-साथ उनके विशेषज्ञों और ऑपरेटरों को हटाने का काम कर रहा है।