यमन में फिर भड़की हिंसा, हूथी विद्रोहियों ने 73 सदस्यों के सामूहिक अंतिम संस्कार का किया ऐलान

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच सप्तमी, 20 सितंबर 2026 को हूथी विद्रोहियों ने अपने 73 सदस्यों के सामूहिक अंतिम संस्कार की घोषणा की है। इस ताजा ऐलान के बाद जुलाई के मध्य से लेकर अब तक मारे गए हूथी लड़ाकों की कुल संख्या बढ़कर 413 हो गई है। इस संघर्ष में केवल आम लड़ाके ही नहीं, बल्कि बड़े सैन्य अधिकारी भी अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे साफ पता चलता है कि ज़मीन पर लड़ाई कितनी खतरनाक रूप ले चुकी है।
मारे गए अधिकारियों और गवर्नरट्स की पूरी जानकारी
अंतिम संस्कार के लिए तैयार किए गए इन 73 सदस्यों में से 25 लोग ऐसे थे जिनके पास औपचारिक सैन्य पद थे। इनमें असिस्टेंट से लेकर ब्रिगेडियर जनरल तक के रैंक शामिल थे। इस सूची में तीन ब्रिगेडियर जनरल के अलावा कई कर्नल, लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर, कैप्टन और लेफ्टिनेंट भी शामिल हैं। ये सभी मारे गए लोग यमन के दस अलग-अलग गवर्नरट्स से ताल्लुक रखते थे, जिनमें साना, सादा, हज्जा, होदेइदाह, धमार, अमरान, महवीत, ताइज, इब्न और अल-जावफ शामिल हैं। हालांकि, हूथी समर्थित मीडिया ने इन लोगों की मौत के वक्त, तारीख या सटीक जगह के बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
सऊदी-नीत गठबंधन और सैन्य गतिविधियां
हूथी विद्रोहियों के बीच हताहतों की संख्या में यह अचानक उछाल यमन में चल रही तेज सैन्य गतिविधियों के कारण आया है। 20 सितंबर की सुबह, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यह जानकारी दी कि उनकी एयर डिफेंस टीम ने रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक लिया। इस हमले की जिम्मेदारी हूथी विद्रोहियों ने ली थी, साथ ही उन्होंने यान्बु में एक अरामको फैसिलिटी पर भी हमले की बात स्वीकार की थी। इन सब घटनाओं के बीच, साना के धहर हमीर इलाके में हूथी सेंट्रल सिक्योरिटी हेडक्वार्टर पर एक बड़ा हवाई हमला हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर लॉकडाउन जैसी स्थिति बन गई।
ताइज और बाब अल-मंदाब में जारी है भीषण संघर्ष
पश्चिमी ताइज और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में अभी भी दोनों पक्षों के बीच भयंकर लड़ाई जारी है। यमन की सरकारी सेना और सदर्न जाइंट्स ब्रिगेड के जवान हूथी इकाइयों का लगातार मुकाबला कर रहे हैं। हाल ही में कह्बौब इलाके में हुए एक हवाई हमले में हूथी संगठन के एक ब्रिगेडियर जनरल और उनके छह साथियों की मौत हो गई थी। इसके अलावा, सैन्य सूत्रों से यह जानकारी भी सामने आई है कि हाल ही में चार ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एक्सपर्ट्स को मोखा पोर्ट और एयरपोर्ट के पास रडार सिस्टम लगाते हुए देखा गया था, जो दक्षिणी लाल सागर पर हूथी नियंत्रण को मजबूत करने में मदद कर रहे हैं।