मोहम्मद अल-शामी की मौत के लिए हूती मिलिशिया जिम्मेदार: यमन सरकार
यमन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी मोहम्मद अल-शामी की हिरासत में मौत के लिए हूती मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है।

सना: यमन के प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के कर्मचारी मोहम्मद अल-शामी की हिरासत में हुई मौत के लिए हूती मिलिशिया को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। सरकार ने इस घटना के दोषियों को कानूनी तौर पर जवाबदेह बनाने और उन्हें सख्त सजा देने की मांग की है।
मोहम्मद अल-शामी एक यमनी नागरिक थे और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय में कार्यरत थे। उन्हें जून 2024 में हूती बलों ने हिरासत में लिया था, जहाँ उनकी मृत्यु हो गई।
हूती हिरासत में यह दूसरा मामला है जब किसी संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी की जान गई है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने इस क्षति को बेहद दुखद बताया है।
तुर्क ने हूती अधिकारियों से मांग की है कि अल-शामी की मौत की परिस्थितियों की तत्काल, स्वतंत्र और गहन जांच की जाए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल करीब 71 अन्य संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी हूती हिरासत में हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन और संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र में हिरासत में लिए गए सभी मानवीय और यूएन कर्मियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग कर रहे हैं।