हूती मिलिशिया ने अदन के कोस्ट गार्ड मुख्यालय पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और सऊदी अरब के शहरों को भी बनाया निशाना
हूती मिलिशिया ने अदन के कोस्ट गार्ड मुख्यालय पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, सऊदी अरब में भी मिसाइल हमले नाकाम।

अदन: यमन के अदन में हूती मिलिशिया ने कोस्ट गार्ड मुख्यालय को निशाना बनाते हुए तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यमन के गृह मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में दो मिसाइलें जनरल ऑफिस स्थित कोस्ट गार्ड सुविधा पर गिरीं, जबकि तीसरी मिसाइल अल-तवाही जिले में स्थित कोस्ट गार्ड की इमारत से जा टकराई।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, हूती समूह लगातार अदन के जरूरी बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहा है, जिसमें पहले अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया था।
हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारे ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने दावा किया कि उनके बलों ने अल-नसर कैंप और स्थानीय नौसेना बेस पर हमला किया है, जहां उनके अनुसार सऊदी सैनिकों की मौजूदगी थी।
इसी दिन सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने जानकारी दी कि उन्होंने हूती समूह द्वारा रियाद, ताइफ और यनबू की ओर दागी गई तीन अन्य बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया है। हवाई खतरों को देखते हुए सऊदी सिविल डिफेंस ने मक्का, जेद्दा, ताइफ और यनबू के लिए आपातकालीन चेतावनी जारी की है।
क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है और दोनों तरफ से हमले जारी हैं। हूती मीडिया ने बताया कि शनिवार को सना प्रांत में सऊदी गठबंधन के हवाई हमलों में 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें सीमेंट फैक्ट्री के कर्मचारियों के आवास में रहने वाली छह महिलाओं और एक बच्चे समेत सात लोग और एक अन्य घर में रहने वाले चार लोग शामिल थे।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त के अनुमान के मुताबिक, अगस्त से अब तक यमन के भीतर 250 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। यह स्थिति 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के खत्म होने के बाद और बिगड़ गई है।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने ताइज़ के लिए मानवीय गलियारे बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हूतियों द्वारा महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्गों की नाकाबंदी की वजह से वहां आम नागरिकों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।