अदन के राष्ट्रपति महल पर हूती विद्रोहियों ने दागे मिसाइल, यूरोपीय संघ ने हमले की कड़ी निंदा की

अदन: यमन के अदन स्थित अल-माशिक राष्ट्रपति महल पर हूती विद्रोहियों ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। इस हमले के बाद यूरोपीय संघ ने एक औपचारिक बयान जारी कर इसकी कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार को अपना समर्थन दिया है।
इस हमले में तीन से पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिसमें कम से कम चार से पांच लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्री कासिम बुहाइबे ने बताया कि इस घटना में 10 से 16 लोग घायल हुए हैं, जिनमें सुरक्षाकर्मी और नागरिक कर्मचारी शामिल हैं। हमले के वक्त महल में मौजूद प्रधानमंत्री शया अल-ज़िंदानी सुरक्षित बच गए हैं।
प्रधानमंत्री अल-ज़िंदानी ने इस घटना को एक कायरतापूर्ण कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि हूती लगातार नागरिक स्थलों को निशाना बना रहे हैं। दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने सऊदी युद्ध संचालन मुख्यालय को निशाना बनाया है।
साल 2022 के युद्धविराम के खत्म होने और जुलाई में फिर से शुरू हुई शत्रुता के बाद राष्ट्रपति महल पर यह पहला हमला है। यूरोपीय संघ ने हूतियों से मांग की है कि वे यमन के अंदर और बाहर सभी हमले तुरंत बंद करें। इसमें लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना भी शामिल है।
यूरोपीय संघ ने हूतियों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2722 (2024) और 2826 (2026) का पूरी तरह पालन करने को कहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक खुली बहस के दौरान यूरोपीय संघ ने यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र विशेष दूत के प्रयासों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यूरोपीय संघ ने हूतियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र कर्मियों, गैर सरकारी संगठनों के कर्मचारियों और राजनयिकों को हिरासत में रखने पर चिंता जताई और उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग की।
इसी बीच, सऊदी अरब पर हूतियों के लगातार हमलों के कारण यूरोपीय संघ और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच होने वाला शिखर सम्मेलन स्थगित कर दिया गया है। यह बैठक 24 अक्टूबर को रियाद में होनी थी, लेकिन इस महीने रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए 20 हमलों के बाद इसे टाल दिया गया है।