यमन के अदन में हूती लड़ाकों ने राष्ट्रपति महल पर मिसाइल हमला किया जिसमें दो सुरक्षा गार्ड मारे गए

अदन: यमन के अदन स्थित अल-माशिक राष्ट्रपति महल पर गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को हूती लड़ाकों ने समन्वित मिसाइल हमला किया। इस हमले में कम से कम दो सुरक्षा गार्डों की मौत हो गई है। हालांकि कुछ अन्य सूत्रों ने दावा किया है कि इस हमले में चार सैनिक मारे गए और दस अन्य घायल हुए हैं।
यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-इरयानी ने इस हमले की पुष्टि की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ एक हत्या की कोशिश करार दिया। हमले के दौरान प्रधानमंत्री शया अल-ज़िंदानी और कैबिनेट के कई सदस्य परिसर में मौजूद थे, लेकिन वे सुरक्षित बताए गए हैं।
हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारेआ ने इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने दावा किया कि उनका निशाना महल परिसर के भीतर स्थित सऊदी सैन्य संचालन मुख्यालय और हथियारों के डिपो थे।
इसी बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रीय ताकतें हूतियों को बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन और विस्फोटक लदे समुद्री जहाजों जैसी उन्नत सैन्य तकनीक मुहैया करा रही हैं। गठबंधन ने मदीना प्रांत के ऊपर एक क्रूज मिसाइल को रोकने की भी जानकारी दी है।
सना से रिपोर्ट कर रहे अल जजीरा के पत्रकार यूसुफ मौरी ने इस हमले को एक अभूतपूर्व वृद्धि बताया है, जिससे यमन के गृहयुद्ध का दायरा बढ़ने का खतरा है।
दूसरी तरफ ताइज़ शहर के आसपास भारी लड़ाई जारी है। यहाँ होमलैंड शील्ड फोर्स और सदर्न जायंट्स ब्रिगेड जैसी सरकारी इकाइयां हूती बलों से लोहा ले रही हैं। हूती ताकतें फिलहाल धुबाब हवाई अड्डे पर नियंत्रण के लिए लड़ रही हैं, जो बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। हूतियों ने पिछले एक महीने के दौरान इस वैश्विक समुद्री शिपिंग मार्ग पर आंशिक नियंत्रण का दावा किया है।
सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए यूरोपीय संघ ने हूती विद्रोहियों से ताइज़ की घेराबंदी खत्म करने की औपचारिक मांग की है, क्योंकि वहां मानवीय संकट गहरा गया है। हूतियों ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मक्का और मदीना को छोड़कर सऊदी हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डे यात्रा के लिए असुरक्षित हैं।