सऊदी अरब में हूती हमला, अरामको मुख्यालय और रियाद में नुकसान

Gautam Sahu14 October 20262 min read0 viewsSaudi
सऊदी अरब में हूती हमला, अरामको मुख्यालय और रियाद में नुकसान

दहरान (पूर्वी प्रांत), सऊदी अरब: 13 अक्टूबर को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे और आवासीय इलाकों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। एक बैलिस्टिक मिसाइल सऊदी अरामको के मुख्यालय की प्रशासनिक इमारत से टकराई।

सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने इसे "सीमित आग" बताया है और कहा है कि इसमें किसी की जान नहीं गई। वहीं सूत्रों के मुताबिक आग छठी से दसवीं मंज़िल तक फैल गई थी। ऊपर की तीन मंज़िलों को भारी ढांचागत नुकसान हुआ है, और यह हिस्सा कंपनी के सीईओ अमीन नासिर के दफ्तर के पास है। काम जारी है, हालांकि कुछ कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं।

उसी समय रियाद के ऊपर सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने कई खतरों को रोका। मंगलवार की देर रात से ठीक पहले दो रोकी गई क्रूज़ मिसाइलों का मलबा आवासीय इलाकों में गिरा। इसमें दो महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्चा घायल हो गए, और 15 घरों को नुकसान पहुंचा।

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बुधवार को एक और बैलिस्टिक मिसाइल को रोका गया, जिसके छर्रे एक आवास पर जा लगे। इसमें एक अरब प्रवासी घायल हुआ, जबकि एक मकान और एक वाहन को नुकसान पहुंचा। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने इन इंटरसेप्शन की पुष्टि की है। रियाद और अल-खर्ज के लिए शुरुआती चेतावनी भी जारी की गई थी।

एयरपोर्ट पर हमले के बाद का हाल

ये घटनाएं 10 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद सामने आई हैं। उस हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए, जिनमें से कई उमरा तीर्थयात्री थे। मृतकों में चार सऊदी, दो बांग्लादेशी और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के नागरिक शामिल थे।

11 अक्टूबर को हुए एक और हमले में एक पाकिस्तानी निवासी की मौत हुई और 11 लोग घायल हुए। हवाई अड्डा कम से कम 17 अक्टूबर तक बंद रहेगा। इसके चलते इंडिगो, एयर इंडिया, एमिरेट्स और एतिहाद समेत कई एयरलाइनों की उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं।

सऊदी और गठबंधन की प्रतिक्रिया

जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में ईंधन डिपो पर जवाबी हमले किए। ये हमले हुदैदा और सना के पास हुए। इसके अलावा दहरान, हरद और रियाद की ओर आ रहे प्रक्षेपास्त्रों को भी रोका गया।

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के मंत्रिमंडल ने नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने खाड़ी देशों की संयुक्त रक्षा की वकालत की है। पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

यह क्षेत्रीय टकराव फरवरी 2026 में शुरू हुए अमेरिका-इज़राइल-ईरान तनाव से जुड़ा बताया जा रहा है। इसका असर समुद्री सुरक्षा पर भी पड़ा है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज GFS Pride एक प्रक्षेपास्त्र से टकराने के बाद डूब गया। इसके सभी 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

सऊदी अधिकारियों का कहना है कि इस अस्थिरता के बावजूद तेल उत्पादन और निर्यात मज़बूत बना हुआ है।

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