यमन के घनी आबादी वाले मारीब शहर पर हूती मिलिशिया ने किए मिसाइल हमले और सरकार ने संयुक्त राष्ट्र से मांगी मदद

मारीब (यमन): हूती मिलिशिया ने यमन के घनी आबादी वाले मारीब शहर को निशाना बनाते हुए मिसाइलों से हमला किया है। 18 अक्टूबर 2026 को हुए इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस हमले से पहले भी नागरिक बुनियादी ढांचे और सरकारी सुविधाओं को निशाना बनाने वाली भीषण लड़ाइयां देखी गई थीं।
यमन की विदेश मंत्री डॉ. अफराह अल-ज़ौबा के नेतृत्व में सरकार ने औपचारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हूती मिलिशिया की इस आक्रामकता की निंदा करने का आग्रह किया है। डॉ. अल-ज़ौबा ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह हूती बलों को हथियार और वित्तीय सहायता देकर इस संघर्ष को और बढ़ा रहा है।
दूसरी तरफ यमन की सरकारी सेना हूती हमलों का मुकाबला करने के लिए 'ऑपरेशन यमन डॉन' चला रही है। सैन्य रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के भीतर हूती रक्षा चौकियों, सप्लाई लाइनों और उनके उपकरणों के खिलाफ 1,292 हमले किए गए हैं।
हिंसा का यह दौर केवल मारीब तक सीमित नहीं रहा। 16 अक्टूबर को अदन के अल माशिक प्रेसिडेंशियल पैलेस पर हुए हमले में पांच लोगों की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। इसके अलावा अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमले हुए हैं। अरब लीग ने मारीब और अदन पर हुए इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
वहीं, हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारेआ ने दावा किया है कि इसी अवधि के दौरान सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के विमानों ने यमन के विभिन्न प्रांतों में 101 हवाई हमले और मिसाइल हमले किए हैं।
इन हमलों के बीच मारीब गवर्नर कार्यालय के शिक्षा विभाग ने विस्थापित आबादी की मदद के लिए 'एन्साना (2) बेसिक स्कूल' प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया है। इस स्कूल का निर्माण कुवैती एन्साना चैरिटी सोसाइटी के फंड से किया गया है।