रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमला, सऊदी सेना ने किया नाकाम

सऊदी अरब की राजधानी रियाद एक बार फिर तनाव के केंद्र में है। बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाते हुए एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी। हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने तत्परता दिखाते हुए इस हमले को नाकाम कर दिया और मिसाइल को राजधानी के उत्तर में ही नष्ट कर दिया।
इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने स्पष्ट किया कि खुफिया विभाग सना के ऊपर स्थित लॉन्च प्लेटफॉर्म को ट्रैक कर रहा है और उसे पूरी तरह तबाह करने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि इस हफ्ते एयरपोर्ट पर हमले का यह दूसरा दावा है, जिसकी वजह से फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों के अनुसार उड़ानों में अस्थायी रूप से व्यवधान भी देखा गया है।
हूती विद्रोहियों ने कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारे ने केवल रियाद ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी हमलों का दावा किया है। उनके अनुसार, अब्हा एयरपोर्ट, खमीस मुशायत में किंग खालिद एयर बेस और अदन एयरपोर्ट के पास सैन्य आपूर्ति क्षेत्र पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं। इसके अलावा, सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने सोमवार को जिज़ान और नजरान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों की पुष्टि की है, जिसमें तीन लोग घायल हुए और काफी भौतिक नुकसान हुआ। हूतियों ने रबीघ में अरामको रिफाइनरी पर भी हमले का दावा किया है, हालांकि सऊदी अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
इन हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे सऊदी संप्रभुता का घोर उल्लंघन और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया है। दूसरी ओर, सऊदी समर्थित यमनी सेना ने 'ऑपरेशन यमन डॉन' के तहत लाल सागर तट और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास धुबाब और मोखा बंदरगाह जैसे इलाकों को वापस पाने की कोशिश की है।
बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के प्रतिनिधि रियाद में मिले, ताकि अगस्त के रक्षा समझौते के तहत सैन्य तैनाती और समन्वय पर चर्चा की जा सके। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी हिंसा में इस बढ़ोतरी पर गहरी चिंता जताई है। लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में हूतियों की धमकियों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।