Saudi Arabia पर मिसाइल हमला, रियाद में मची अफरातफरी, 27 लाख भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर बड़ा संकट.

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 19 September को सुबह-सुबह बड़ा हमला हुआ, जब किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आसमान में काले धुएं के गुबार उठे और पूरे शहर में सायरन बजने लगे। इस खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद सऊदी अरब में रह रहे करीब 2.748 million यानी 27 लाख से ज्यादा भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है। सऊदी एयर डिफेंस ने दावा किया कि उन्होंने सुबह के वक्त ही मिसाइल को हवा में रोक लिया, जबकि हौथी विद्रोहियों ने राजधानी और रेड सी के पास अरामको की जगहों पर हमले का दावा किया है। इस घटना के बाद से आम लोगों और कामगारों के मन में डर का माहौल बना हुआ है, क्योंकि इससे पहले भी भारतीय नागरिकों को निशाना बनाया जा चुका है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सरकारी प्रतिक्रिया
इससे पहले भी सऊदी अरब के दक्षिणी शहरों जैसे खमीस मुशैत, आभा, तائف और जाज़ान में हौथी हमलों के दौरान भारतीय नागरिकों को चोटें आई थीं। पिछले दिनों 14 September को जेद्दा स्थित भारतीय कंसुल जनरल Fahad Ahmed Khan Suri ने जाज़ान की घटनाओं में घायल हुए भारतीय कामगारों से डॉ. सोलिमैन फकीह अस्पताल में मुलाकात की थी और उन्हें हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया था। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर घायलों का पूरा आंकड़ा सामने नहीं आया है और पीड़ित परिवार लगातार अपने लोगों की सही सलामती की खबर का इंतजार कर रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर भारत सरकार पूरी तरह गंभीर नजर आ रही है और वहां के हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
भारत सरकार का कड़ा रुख और कूटनीतिक प्रयास
नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय यानी MEA के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए साफ शब्दों में कहा कि आम नागरिकों और आर्थिक ठिकानों पर इस तरह के हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। उन्होंने बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास पैदा हुए खतरे का भी जिक्र किया जिससे वहां काम करने वाले भारतीय नाविकों की जान पर भी जोखिम बढ़ गया है। इसके अलावा, विदेश मंत्री S. Jaishankar ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ क्षेत्रीय अस्थिरता के मुद्दों पर लंबी चर्चा की। वहीं, राज्य मंत्री Kirti Vardhan Singh ने खुद सऊदी अरब जाकर वहां के एक भारतीय श्रम शिविर का दौरा किया और जमीनी हालात का जायजा लिया।
वित्तीय और कानूनी उलझनों में फंसे कामगार
सुरक्षा के इन गंभीर संकटों के बीच कई भारतीय कामगारों के सामने पैसों और कानूनी मामलों की बड़ी मुसीबतें भी खड़ी हो गई हैं। उत्तराखंड के एक ट्रक ड्राइवर Indramani Nautiyal का मामला इसका बड़ा उदाहरण है, जो साल 2018 से सऊदी अरब में नौकरी कर रहे हैं और पुराने ट्रैफिक हादसे से जुड़े 2.29 crore rupee यानी 2 करोड़ 29 लाख रुपये के कंपनी जुर्माने की वजह से कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने इस सिलसिले में विदेश मंत्री एस. जयशंकर को औपचारिक पत्र लिखा है और विदेश मंत्रालय का कहना है कि वे इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अधिकारियों की रिपोर्ट और सहायता केंद्र
सऊदी प्रशासन की तरफ से रियाद में हुए मिसाइल इंटरसेप्शन और अरामको डिपो में लगी आग को लेकर अभी तक कोई पक्की और विस्तृत नुकसान की रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। गठबंधन सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki al-Malki ने बताया कि इसके अलावा बिشا, तائف, फारसन और यान्बु को निशाना बनाने वाले अन्य हमलों को भी नाकाम कर दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres और जीसीसी के महासचिव Jasem Albudaiwi ने मिलकर इन हमलों की कड़ी निंदा की है। संकट में फंसे भारतीय परिवारों की मदद के लिए रियाद और जेद्दा स्थित भारतीय दूतावास के साथ-साथ प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र के हेल्पलाइन नंबर लगातार काम कर रहे हैं और सहायता प्रदान कर रहे हैं।