सऊदी एयरपोर्ट पर हुथी मिसाइल हमला: 3 की मौत, उड़ानों में भारी खलल

सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हुए भीषण हुथी मिसाइल हमलों ने एक बार फिर क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। 6 और 7 अक्टूबर 2026 को हुए इन हमलों में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। इस हमले में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि 36 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने पुष्टि की है कि मृतकों में मिस्र, अल्जीरिया और सूडान के नागरिक शामिल हैं।
इन हमलों का असर हवाई यातायात पर बहुत बुरा पड़ा। खासकर रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, जहाँ एक घंटे से ज्यादा समय तक परिचालन पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान 11 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और 58 उड़ानों के प्रस्थान में देरी हुई। घायलों में सऊदी अरब के निवासियों के साथ-साथ बांग्लादेश, पाकिस्तान और फिलीपींस के लोग भी शामिल हैं।
जवाबी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
हुथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि रियाद पर किया गया हमला सटीक था और इसका मकसद हवाई यातायात को बाधित करना था। उन्होंने अदन एयरपोर्ट के पास एक सैन्य आपूर्ति काफिले को निशाना बनाने का दावा भी किया। इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कड़ी कार्रवाई की और सना में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया। साथ ही, यमन में हुथी समर्थित 82 सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए गए। सऊदी सुरक्षा बलों ने रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट भी किया।
इस हिंसा के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर নিন্দ की लहर दौड़ गई है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने इन सीमा पार हमलों की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की अपील की है। वहीं, GCC महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदईवी ने इसे व्यवस्थित अपराध करार दिया और कुवैत ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया। सुरक्षा कारणों से रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानों के रद्द होने की संभावना को लेकर यात्रा चेतावनी जारी की है।
दूसरी ओर, यमन में जारी इस संघर्ष का मानवीय पहलू बेहद डरावना है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, जुलाई से अब तक 2,00,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं, जिनमें से अकेले पिछले एक हफ्ते में 21,000 लोग बेघर हुए हैं। रक्षा विश्लेषक वोल्फगैंग पुज़ताई का मानना है कि हुथी समूह अपनी सीमित लंबी दूरी की मिसाइलों का उपयोग नागरिक उड़ानों को बाधित कर अधिकतम प्रभाव डालने के लिए कर रहा है।