Saudi Arabia पर बड़ा हमला, हूती विद्रोहियों ने दागे मिसाइल और ड्रोन, मक्का और रियाद तक मचा हड़कंप.

Praggya Singh sabal25 September 20263 min read16 viewsSaudi
Saudi Arabia पर बड़ा हमला, हूती विद्रोहियों ने दागे मिसाइल और ड्रोन, मक्का और रियाद तक मचा हड़कंप.

यमन के ईरान समर्थित Houthi rebels ने गुरुवार को सऊदी अरब पर अचानक बड़ा हमला कर दिया। इस हमले में कई बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे गए, जिसके बाद Taif, Yanbu, Jeddah, Tabuk और पवित्र शहर Makkah में खतरे वाले सायरन बजने लगे। इस अचानक हुए हमले से आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों में भारी डर का माहौल बन गया है। सऊदी सुरक्षा बलों ने अपनी ताकत दिखाते हुए कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

सऊदी रक्षा प्रणाली ने हवा में रोके हमले

सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली यानी एयर डिफेंस सिस्टम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए Taif और लाल सागर के तेल बंदरगाह Yanbu के ऊपर कम से कम 6 missiles को सफलतापूर्वक रोक लिया और हवा में ही तबाह कर दिया। इसके बाद हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने राजधानी Riyadh में एक संवेदनशील जगह और Aramco facilities को निशाना बनाया है। साथ ही उन्होंने Jazan पर भी दर्जनों मिसाइल और ड्रोन दागने का ऐलान किया। इन लगातार हमलों के बाद सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

प्रशासन की कड़ी चेतावनी और सुरक्षा इंतजाम

सऊदी सिविल डिफेंस ने तुरंत राष्ट्रीय चेतावनी प्लेटफ़ॉर्म को एक्टिव कर दिया और लोगों को अपने घरों के अंदर रहने का सख्त आदेश दिया। लोगों से कहा गया कि वे खिड़कियों और बालकनियों से दूर रहें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। अधिकारियों ने बाद में जानकारी दी कि तुरंत खतरा टल गया है, लेकिन लोगों को सार्वजनिक जगहों पर इकट्ठा होने और प्रभावित इलाकों का वीडियो या फोटो बनाने से मना किया गया है। राहत की बात यह है कि इस बड़े हमले के बाद भी सरकार की तरफ से किसी के हताहत होने या बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की कोई आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमले की कड़ी निंदा

शुक्रवार को UN Security Council ने एक साथ मिलकर इस हमले की कड़ी निंदा की है। परिषद ने बताया कि इन हमलों में आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाया गया जिससे कई लोग घायल हुए। संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के पास इस समय अध्यक्षता है, और उसने सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। साथ ही हूती विद्रोहियों से इस सैन्य तनाव को तुरंत रोकने की मांग की गई है। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी जानकारी दी कि सितंबर की शुरुआत से लेकर अब तक कम से कम 125,000 Yemenis अपना घर छोड़कर जाने को मजबूर हुए हैं।

क्षेत्रीय देशों की आपात बैठक और बड़े फैसले

इस खतरनाक स्थिति से निपटने के लिए सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के चीफ ऑफ स्टाफ Makkah Joint Defence Agreement के तहत एक जरूरी बैठक कर रहे हैं, जबकि दोनों देशों के विदेश मंत्री पहले ही न्यूयार्क में मिल चुके हैं। कतर, खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC और मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने भी इन हमलों की औपचारिक निंदा की है। ब्रिटेन ने हवा में ही विमानों में ईंधन भरने यानी एरियल-रिफ्यूलिंग की मदद देने की पेशकश की है, और फ्रांस ने लाल सागर के तेल मार्ग को सुरक्षित करने के लिए अपनी सेना भेजने की इच्छा जताई है।

आर्थिक असर और यात्रा पर प्रभाव

हूती विद्रोहियों की इस हरकत का असर पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। सितंबर के मध्य में यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के पास पेरिम द्वीप पर कब्जा करने के बाद से तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इन सब के पीछे विदेशी सलाहकारों का हाथ हो सकता है। इस संघर्ष के कारण क्षेत्रीय स्थिरता पर बुरा असर पड़ा है, जिससे तेल की कीमतों में लगभग 4 percent की तेजी आ गई है। इसके अलावा ईरानी एयरलाइंस की यूएई के लिए उड़ानें सस्पेंड कर दी गई हैं और लाल सागर तथा फारस की खाड़ी में जहाजों का बीमा प्रीमियम काफी महंगा हो गया है, जिससे कारोबारियों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment