मक्का और मदीना को निशाना बनाने वाले हूती मिसाइल हमलों की मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने की कड़ी निंदा

मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने वाले हूती हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी अरब ने कई मिसाइलों को रोका।

Mohd. Irfan25 October 20262 min read0 viewsSaudi
मक्का और मदीना को निशाना बनाने वाले हूती मिसाइल हमलों की मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने की कड़ी निंदा

रियाद: मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने सऊदी अरब के पवित्र शहरों मक्का और मदीना को निशाना बनाकर किए गए हूती मिलिशिया के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। लीग के महासचिव और मुस्लिम विद्वानों के संगठन के अध्यक्ष शेख डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इसा ने कहा कि यह इस्लाम के पवित्र स्थलों की मर्यादा का उल्लंघन है और दुनिया भर के दो अरब से ज्यादा मुस्लिमों को उकसाने जैसा है।

सऊदी जनरल डायरेक्टरेट ऑफ सिविल डिफेंस के मुताबिक 24 और 25 अक्टूबर 2026 को दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका गया था। इन मिसाइलों का मलबा मक्का के पास वादी अल-मुघम्मास, जेद्दा के अल-नुजहा इलाके, ताएफ की वादी जलील और राबिघ के मुस्तुरा सेंटर सहित कई जगहों पर गिरा।

ग्रैंड मस्जिद और पैगंबर मस्जिद में धार्मिक मामलों के अध्यक्ष शेख अब्दुलरहमन अल-सुदैस ने स्पष्ट किया कि दोनों पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा एक बिल्कुल रेड लाइन है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि रियाद, ताएफ, यैनबू और पूर्वी प्रांत की ओर आने वाली मिसाइलों और ड्रोन्स को बीच में ही रोक दिया गया।

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दूसरी ओर हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी ने पवित्र शहरों को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है। सारी ने सऊदी अरब के दावों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके ऑपरेशन केवल तीन सऊदी हवाई अड्डों, यैनबू में अरामको साइट और राबिघ रिफाइनरी जैसे ऊर्जा केंद्रों, एक पाइपलाइन और खमीस मुशैत के एयर बेस पर केंद्रित थे। हूती समूह ने दावा किया कि यह कार्रवाई सना और मोचा पर पिछले 24 घंटों में हुए करीब 100 सऊदी हवाई हमलों का जवाब थी।

जीसीसी महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदईवी ने हूती हमले को एक घृणित कृत्य और नागरिक सुरक्षा की घोर अनदेखी बताया है।

इसी बीच रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 25 अक्टूबर 2026 से अपनी उड़ानें फिर से शुरू करने की घोषणा की है। 10 अक्टूबर को हुए एक घातक हमले के बाद यहां कामकाज रोक दिया गया था। अब घरेलू सेवाओं के लिए टर्मिनल 1 और राष्ट्रीय वाहकों के जरिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए टर्मिनल 2 का उपयोग किया जाएगा।

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