Yemen Crisis: ताइज़ के गाँवों पर हाउती का मिसाइल हमला, सऊदी अरब में भी ड्रोन से तबाही

Praggya Singh sabal13 September 20262 min read48 viewsYemen
Yemen Crisis: ताइज़ के गाँवों पर हाउती का मिसाइल हमला, सऊदी अरब में भी ड्रोन से तबाही

यमन में चल रही हिंसा और तनाव के बीच एक बार फिर से आम बस्तियों को निशाना बनाया गया है। दक्षिण ताइज़ के ग्रामीण इलाकों में हाउती लड़ाकों ने अचानक मिसाइल से हमला कर दिया जिससे स्थानीय लोगों के बीच भारी डर का माहौल बन गया है। इस खतरनाक हमले के बाद से इलाके में हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं और आम लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों की तरफ भागने को मजबूर हो रहे हैं।

तािज़ के गाँवों पर मिसाइलबारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, हाउती लड़ाकों ने 13 सितंबर 2026 को दक्षिणी ताइज़ के अल-शमायताइन जिले के दबा' अल-दखिल इलाके के गाँवों को अपनी मिसाइल का निशाना बनाया। यह हमला इस क्षेत्र में जुलाई 2026 की शुरुआत से चल रही हिंसा की बड़ी श्रृंखला का हिस्सा है। इस लगातार चल रही लड़ाई की वजह से आम नागरिकों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और वे इस खूनी संघर्ष के बीच फंसकर रह गए हैं।

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यमीनी सेना का कड़ा जवाब

इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार की सेना ने भी हाउती विद्रोहियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। यमनी सैन्य विमानों ने 13 सितंबर 2026 को ताइज़ क्षेत्र में हाउती ठिकानों और बैरकों पर जवाबी हवाई हमले किए। सेना ने अल-धबाब मोर्चे पर स्थित अल-तबा अल-सवदा और जबल अल-मुनिम के ठिकानों को खासतौर पर निशाना बनाया। इन सैन्य अभियानों में हाउती गुट के कई वाहन और हथियार गोदाम पूरी तरह से तबाह हो गए, और कई मिलिशिया सदस्यों के मारे जाने की भी खबर सामने आई है।

सऊदी अरब के शरूराह सैन्य बेस पर ड्रोन हमला

एक तरफ यमन में संघर्ष जारी है तो दूसरी तरफ हाउती आंदोलन ने दक्षिण सऊदी अरब में स्थित शरूराह सैन्य बेस को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया है। हाउती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी ने बताया कि यह हमला सऊदी के नेतृत्व वाले हमलों के जवाब में किया गया था जिसमें हथियार depots और कंट्रोल सेंटर्स को निशाना बनाया गया। इससे पहले 12 सितंबर 2026 को सऊदी अरब के सिविल डिफेंस ने बॉर्डर के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरने की सूचना दी थी, जिसकी चपेट में आने से दो लोग घायल हो गए थे और एक मस्जिद, कई वाहन तथा इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं थीं।

मानवीय संकट और विस्थापन

इस लगातार बढ़ती क्षेत्रीय अस्थिरता का सबसे बड़ा असर आम जनता पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी ने पुष्टि की है कि जुलाई 2026 से जारी इस भीषण लड़ाई की वजह से लगभग 76,000 लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। हाउती समूह ने हाल ही में लाल सागर के तट के कुछ हिस्सों और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के पास की रणनीतिक जगहों पर अपना कब्जा मजबूत कर लिया है। इस संघर्ष में कई स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय ताकतें शामिल होती जा रही हैं जिससे आने वाले दिनों में हालात और अधिक गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।

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