Saudi Arabia पर बड़ा हमला, हवा में रोकी गईं 6 मिसाइलें और फ्रांस ने मदद का किया ऐलान।

सऊदी अरब पर क्षेत्रीय सुरक्षा तनाव के बीच 24 और 25 सितंबर 2026 को हौथी ताकतों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की बड़ी झड़ी लगा दी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस हमले के बाद सऊदी अरब और आसपास के देशों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आम लोगों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है। सऊदी-led गठबंधन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने 25 सितंबर को पश्चिम के शहर Taif और लाल सागर के बंदरगाह Yanbu की तरफ आ रही 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नाकाम कर दिया और उन्हें नष्ट कर दिया।
गठबंधन का कड़ा रुख और हमलों की पूरी जानकारी
सऊदी-led गठबंधन के प्रवक्ता Major General Turki Al-Malki ने साफ शब्दों में कहा कि गठबंधन हौथी मिलिशिया के इन लगातार हमलों और सुरक्षा उल्लंघन का बहुत कड़ाई से जवाब देगा। दूसरी तरफ, हौथी सेना के प्रवक्ता Yahya Saree ने दावा किया कि उनकी ताकतों ने रियाद में एक संवेदनशील ठिकाने और Yanbu में सऊदी Aramco की सुविधाओं को निशाना बनाया है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने राजधानी रियाद पर किसी भी सीधे हमले की बात से इनकार किया है और रियाद शहर के लिए कोई आपातकालीन चेतावनी भी जारी नहीं की गई थी। इसके अलावा, हौथी गुट ने 24 सितंबर को जाज़ान प्रांत में सऊदी सैन्य ठिकानों पर भी हमले करने का दावा किया था। इस पूरी स्थिति की आधिकारिक जानकारी आप Saudi Press Agency (SPA) की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और फ्रांस का बड़ा कदम
बढ़ते खतरों को देखते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने घोषणा की कि फ्रांस Yanbu की सुरक्षा में मदद के लिए अपने सैनिक, रडार यूनिट और डिफेंस सिस्टम जैसी सैन्य संपत्तियां तैनात करेगा। इसके साथ ही, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के अधिकारी एक साझा समझौते के तहत रक्षा सहयोग पर चर्चा करने के लिए अपने चीफ ऑफ स्टाफ की एक जरूरी बैठक की तैयारी कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने भी 25 सितंबर को इन हमलों की कड़ी निंदा की और शत्रुता को तुरंत रोकने की अपील की। सुरक्षा परिषद ने नागरिकों और ऊर्जा के बुनियादी ढांचे पर पड़ने वाले असर को लेकर गहरी चिंता जताई है।
यमन के अंदर भी हालात खराब
सऊदी सीमा के बाहर यमन के अंदर भी लड़ाई बहुत तेज हो गई है। बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य और Taiz के पास पिछले 24 घंटों में लगभग 150 लड़ाके मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस ताजा तनाव की वजह से सितंबर की शुरुआत से लेकर अब तक यमन के अंदर ही 125,000 लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं और शरणार्थी बन गए हैं। इस क्षेत्र में काम करने वाले या यात्रा करने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है।