यमन के अदन एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमले से मची अफरा-तफरी, काहिरा जाने वाले विमान के यात्री बाल-बाल बचे

अदन: यमन के अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात हूती विद्रोहियों ने मिसाइल हमला कर दिया। यह मिसाइल काहिरा जाने के लिए तैयार यमेनिया एयरवेज के विमान IY612 से महज 500 मीटर की दूरी पर गिरी।
एक प्रोजेक्टाइल रनवे के केंद्र से करीब 100 मीटर दूर गिरा, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल को तुरंत आपातकालीन निकासी के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया। यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरयानी ने इस घटना को एक भयानक मानवीय त्रासदी बताया, जो केवल दैवीय कृपा से टल गई। उन्होंने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन और विमानन सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
अदन सुरक्षा विभाग और परिवहन मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मिसाइलें एयरपोर्ट के बाहरी इलाके में गिरीं। शुक्रवार के इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन विमानन सेवाओं में भारी बाधा आई और काहिरा से आने वाले एक अन्य विमान की उड़ान भी प्रभावित हुई।
यह हमला गुरुवार को अदन में राष्ट्रपति महल परिसर पर हुए हमले के ठीक बाद हुआ है। राष्ट्रपति महल पर हुए हमले में सुरक्षा गार्डों और नागरिक कर्मचारियों समेत कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई थी और 16 अन्य घायल हुए थे। हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने बद्र कैंप में सऊदी सैन्य कमांड मुख्यालय और हथियारों के डिपो को निशाना बनाया था, लेकिन यह हमला नागरिक इलाकों में हुआ।
अदन एयरपोर्ट पर एक हफ्ते के भीतर यह दूसरा हमला है, इससे पहले 7 अक्टूबर को भी यहां हमला हुआ था। क्षेत्रीय तनाव के कारण बुनियादी ढांचे और परिवहन पर बुरा असर पड़ रहा है। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी बार-बार हमले हुए हैं, जिसमें 10 अक्टूबर को हुए एक हमले में 13 लोगों की जान गई और 300 से अधिक घायल हुए। इस घटना से भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, जॉर्डन और सीरिया के प्रवासियों पर असर पड़ा है।
रियाद एयरपोर्ट के संचालन पर गहरा असर पड़ा है और शनिवार, 17 अक्टूबर तक सेवाएं काफी हद तक बंद रही हैं, जिससे हजारों उड़ानें रद्द हो गई हैं। वहीं, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग पर हमलों के बीच तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ी हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन बलों ने बताया कि उन्होंने यनबू तेल निर्यात केंद्र की ओर आने वाली मिसाइलों को रोका और रियाद के ऊपर ड्रोन नष्ट किए। दूसरी ओर, यमनी सरकार ने मारिब में सैन्य बढ़त की जानकारी दी है। इस संघर्ष का असर यूएई, बहरीन, कतर और ओमान में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है, जिससे उड़ानें रद्द हो रही हैं और रहने की लागत बढ़ गई है।