अदन एयरपोर्ट और राष्ट्रपति महल पर हूतियों का मिसाइल हमला, मक्का की ओर भेजे ड्रोन को सऊदी ने मार गिराया
हूती विद्रोहियों ने यमन के अदन एयरपोर्ट और राष्ट्रपति महल को निशाना बनाया। सऊदी गठबंधन ने मक्का की ओर आते ड्रोन को मार गिराया।

अदन (यमन): हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को यमन के अदन शहर में दो बड़े ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले में अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट और देश के राजनीतिक नेतृत्व के केंद्र अल माशिक राष्ट्रपति महल को निशाना बनाया गया है।
यमन सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नज़िली ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए इसके लिए हूती मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है।
इससे पहले हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने अदन एयरपोर्ट को खाली करने की मांग की थी। उनका आरोप था कि यहां एक सऊदी सैन्य कार्गो विमान मौजूद है जो हथियार ले जा रहा है। हूतियों का दावा है कि सऊदी की कोई भी सैन्य उपस्थिति उनके लिए एक वैध लक्ष्य है।
यमन के परिवहन मंत्रालय ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर बार-बार होने वाले इन हमलों से यात्रियों और उड़ान चालक दल के लिए सीधा खतरा पैदा हो गया है, जिससे नागरिक उड्डयन गंभीर जोखिम में है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र संगठनों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है।
वहीं, यमन के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हूती आक्रमण को रोकने के लिए निवारक उपाय लागू करने का औपचारिक अनुरोध किया है।
दूसरी ओर, यमन सशस्त्र बलों ने बताया कि उन्होंने 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के तहत पिछले कुछ घंटों में 1,087 लक्ष्यीकरण अभियान चलाए हैं। युद्धक विमानों, ड्रोन, तोपखाने और रॉकेट लॉन्चरों के जरिए हूती कमांड केंद्रों, सप्लाई लाइनों और किलाबंदी पर हमला किया गया। इन ऑपरेशनों में करीब 336 हूती तत्वों और नेताओं के मारे जाने और 112 सैन्य वाहनों के नष्ट या क्षतिग्रस्त होने की खबर है।
इसी दिन सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने घोषणा की कि उन्होंने मक्का क्षेत्र की ओर भेजे गए हूतियों के एक ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया है।