मैरिफ में विस्थापितों के कैंप पर मिसाइल हमला, दो बच्चों की मौत से मची सनसनी

यमन के मैरिफ प्रांत में एक बार फिर बड़ा हमला हुआ है, जहां सोमवार, 7 सितंबर 2026 को विस्थापितों के शिविर पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में दो मासूम बच्चों की जान चली गई। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी डर और गुस्सा देखा जा रहा है, क्योंकि लगातार आम बस्तियों और रिफ्यूजी कैंपों को निशाना बनाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला सोमवार के दिन हुआ, जिससे राहत शिविरों में रहने वाले बेसहारा परिवारों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं।
मैरिफ में विस्थापित कैंपों पर लगातार हमले जारी
इस दुखद घटना के बारे में जानकारी Saudi News outlet (@SaudiNews50) और लेबनान फाइल्स की रिपोर्ट्स के जरिए सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह के इलाकों को निशाना बनाया गया हो, बल्कि इससे पहले 7 अगस्त 2026 को भी ऐसा ही हमला हुआ था। उस समय भी रिहायशी इलाकों और कैंपों पर हमले किए गए थे, जिसके बाद यमन के सार्वजनिक स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। सरकार और स्थानीय प्रशासन का साफ कहना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन हैं।
संयुक्त राष्ट्र और स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग (Hans Grundberg) ने एक बयान जारी कर कहा है कि विभिन्न मोर्चों पर हो रहे ये हमले बेहद खतरनाक हैं और इससे संघर्ष के और ज्यादा फैलने का खतरा बन गया है। उन्होंने नागरिकों की मौत, घायलों और विस्थापित परिवारों की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से तुरंत हथियार डालने तथा संयम बरतने की अपील की है। दूसरी ओर, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर जवाबी हवाई हमले और क्रूज मिसाइलें दागने के आरोप लगाए हैं, जिससे हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेा (Yahya Sarea) ने दावा किया कि उन्होंने अल-जौफ प्रांत में एक सऊदी टोही ड्रोन को मार गिराया है। इन बढ़ती घटनाओं के कारण आम जनता का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं।