Saudi Arabia पर बड़ा हमला, रियाद फ्यूल डिपोट पर मिसाइल और ड्रोन से स्ट्राइक

Nura Basta21 September 20262 min read0 viewsSaudi
Saudi Arabia पर बड़ा हमला, रियाद फ्यूल डिपोट पर मिसाइल और ड्रोन से स्ट्राइक

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक फ्यूल डिपो पर यमन समर्थित हूती बलों ने बड़ा हमला कर दिया है। 19 सितंबर 2026 को हुए इस संयुक्त बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन हमले के बाद फ्यूल डिपो के पास काले धुएं का गुबार उठता हुआ देखा गया। इस हमले में अरामको के टैंकों को निशाना बनाया गया, जिससे फ्लाइट ऑपरेशंस पर भी असर पड़ा है।

रियाद और अल-खार्ज में सायरन और सुरक्षा अलर्ट

हमले के बाद स्थानीय लोगों ने तेज धमाकों की आवाज सुनी और पूरे रियाद तथा अल-खार्ज शहर में सिविल डिफेंस के अलर्ट एक्टिव कर दिए गए। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यह पुष्टि की है कि रियाद की तरफ आ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच हवा में ही मार गिराया गया। इसके अलावा बिشا, ताइफ, फारसन और यानबू की तरफ भी ऐसे हमलों की कोशिश की गई, जिन्हें नाकाम कर दिया गया। गनीमत यह रही कि रियाद में इस हमले में किसी के भी हताहत होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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हूती प्रवक्ता ने क्या कहा

हूती सेना के प्रवक्ता याहिया सारेई ने इस बात का दावा किया कि यह हमले पिछले एक हफ्ते के दौरान सना और पश्चिमी यमन पर किए गए सैकड़ों सऊदी हवाई हमलों के जवाब में किए गए हैं। मोखा और बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास के द्वीपों पर विद्रोहियों के कब्जे के बाद से ही रियाद ने ताइज, मारिब और होदेइदाह जैसे हूती के कब्जे वाले इलाकों को निशाना बनाया था।

यात्रा चेतावनी और कूटनीतिक स्थिति

इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक ट्रेवल वार्निंग जारी की है, जिसमें मध्य पूर्व की यात्रा पर फिर से विचार करने की सलाह दी गई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे सऊदी बलों को खुफिया और टार्गेटिंग में मदद कर रहे हैं, लेकिन वे सीधे तौर पर इस हमले में शामिल नहीं होंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी यह स्पष्ट किया कि अमेरिका सीधे संघर्ष से दूर है। ओमान में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर होने वाली खाड़ी देश की बैठक को भी फिलहाल टाल दिया गया है।

ईरान के अधिकारियों का कहना है कि जब तक युद्ध समाप्त नहीं होता, उनके फ्रीज किए गए फंड को जारी नहीं किया जाता और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी नहीं हटाई जाती, तब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद रहेगा। क्षेत्रीय प्रतिक्रियाओं में संयुक्त अरब अमीरात ने हूती कार्रवाई की निंदा की है, जबकि बहरीन का रुख ईरान के खिलाफ सख्त बना हुआ है और ओमान तथा कतर लगातार मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने खाड़ी देशों की सुरक्षा व्यवस्था और वहां रहने वाले प्रवासियों की चिंता को बढ़ा दिया है।

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