Saudi Arabia पर मिसाइल हमला, रियाद में गूंजे सायरन और एयरपोर्ट के पास लगी आग.

Praggya Singh sabal20 September 20263 min read3 viewsSaudi
Saudi Arabia पर मिसाइल हमला, रियाद में गूंजे सायरन और एयरपोर्ट के पास लगी आग.

शनिवार, 19 September 2026 को यमन के ईरान समर्थित हूती बलों ने सऊदी अरब की राजधानी Riyadh पर एक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला कर दिया। इस संघर्ष के इस गर्मी में बढ़ने के बाद से यह पहला मौका है जब सऊदी राजधानी में एयर-रेड सायरन की आवाजें गूंजी हैं। चश्मदीदों के अनुसार, धमाकों की आवाजें सुनी गईं और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित एक अरामको फ्यूल डिपो से काले धुएं का घना गुबार उठता हुआ देखा गया। स्टोरेज टैंक में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल गाड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया था।

सऊदी गठबंधन का बयान और हूती का दावा

सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने शनिवार की सुबह रियाद की तरफ आ रही बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। इसके अलावा यानबू, तائف, बिशा और फरासन को निशाना बनाने के हमलों को भी नाकाम कर दिया गया। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने रियाद के संवेदनशील ठिकानों और यानबू में अरामको की सुविधाओं को कई बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों तथा ड्रोनों से निशाना बनाया है। हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने इसे सना पर हुए सऊदी हवाई हमलों का बदला बताया। रियाद प्रशासन ने बताया कि फ्यूल डिपो के पास धुआं दिखने के बावजूद इस हमले में किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के बाद क्षेत्रीय उड़ानों में रुकावटें आईं और गल्फ मार्केट में शेयर बाजार नीचे स्तर पर खुले।

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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर ईरान का रुख

रविवार, 20 September 2026 को ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने मजलिस में ऐलान किया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज तब तक बंद रहेगा जब तक कि वाशिंगटन तेहरान की शर्तों को नहीं मानता और जून के समझौते का सम्मान नहीं करता। गलिबाफ ने साफ किया कि जब तक ईरानी अधिकारों को मान्यता नहीं मिलती, तब तक इस जलमार्ग को दोबारा नहीं खोला जाएगा और न ही पुरानी वार्ताओं पर बात होगी। इस रास्ते के बंद होने से समुद्री यातायात सामान्य क्षमता से बहुत कम रह गया है, जिसकी वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छू रही हैं। साथ ही, क्षेत्रीय एयरलाइंस और रिफाइनरियों को ओमान और रेड सी का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।

राजनयिक कोशिशें और सुरक्षा चिंताएं

रियाद और तेहरान के बीच इस जलमार्ग की स्थिति को लेकर सहमति न बन पाने की वजह से पिछले हफ्ते ओमान में होने वाली कूटनीतिक बैठकें टाल दी गईं। इस मामले में बहरीन ने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है, जबकि यूएई ने ईरान के साथ अपना व्यापार पूरी तरह से बंद कर दिया है। कतर और ओमान इस विवाद को सुलझाने के लिए अभी भी मध्यस्थता की कोशिशें जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस हफ्ते के अंत में हुई घटनाएं बहुत तेजी से गंभीर रूप ले सकती हैं। गठबंधन के प्रवक्ता Turki al-Maliki ने कहा कि गठबंधन को उचित कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है, वहीं हूतियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनके खिलाफ हवाई हमले जारी रहे तो वे और ज्यादा बड़े हमले करेंगे। इस पूरी स्थिति पर Reuters की रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ा है।

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