सऊदी एयरपोर्ट्स पर हूती मिसाइल हमला: 3 लोगों की मौत, 36 घायल

सऊदी अरब के दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हुए भीषण मिसाइल हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए इन हमलों में अब तक 3 लोगों की जान जा चुकी है और 36 लोग घायल हुए हैं। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इन हमलों की आधिकारिक तौर पर निंदा की है।
सऊदी नागरिक उड्डयन अधिकारियों के अनुसार, यह हमले 6 और 7 अक्टूबर को हुए। सबसे ज्यादा नुकसान अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखा गया, जहाँ दो लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हो गए। वहीं, रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक व्यक्ति की जान गई और आठ लोग जख्मी हुए।
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सारी ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने रियाद एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। साथ ही, उन्होंने सऊदी हवाई क्षेत्र में काम करने वाली सभी एयरलाइंस को चेतावनी भी जारी की है।
हवाई यात्रा प्रभावित और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
सऊदी अरब में करीब 27 से 30 लाख भारतीय रहते हैं, जो अपनी यात्रा के लिए इन हवाई अड्डों पर निर्भर हैं। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस हमले में किसी भारतीय नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है। भारत ने सऊदी सरकार और वहां की जनता के प्रति अपना समर्थन जताया है।
इन हमलों का असर केवल सऊदी अरब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की उड़ानों पर इसका प्रभाव पड़ा है। दुबई और अबू धाबी के हवाई अड्डों पर 8 अक्टूबर को भारी देरी और उड़ानें रद्द होने की खबरें आईं, जिससे कुवैत, सऊदी अरब और बहरीन जाने वाले यात्री फंस गए। इसके अलावा, फिलीपीन एयरलाइंस ने मनीला से रियाद की अपनी उड़ानें फिलहाल निलंबित कर दी हैं।
इसी बीच, ओमान के तट पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक और गंभीर घटना घटी। पनामा ध्वज वाले टैंकर 'MT On Peace' पर एक प्रोजेक्टाइल हमला हुआ, जिसमें 12 क्रू सदस्य घायल हो गए। इनमें से 11 भारतीय नागरिक हैं, जिन्हें ओमान के खसब स्थित अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन की सुरक्षा की मांग करते हुए ओमान सरकार का आभार व्यक्त किया है।