सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हुआ मिसाइल हमला, किंग खालिद एयरपोर्ट के पास लगी भीषण आग.

Praggya Singh sabal21 September 20263 min read0 viewsSaudi
सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हुआ मिसाइल हमला, किंग खालिद एयरपोर्ट के पास लगी भीषण आग.

सऊदी अरब की राजधानी Riyadh पर ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों ने एक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले की वजह से आठ मिलियन से ज्यादा लोगों की आबादी वाले इस शहर में सायरन बजने लगे और लोग दहशत में आ गए। यह घटना 19 सितंबर 2026 को सुबह के समय हुई, जब आसमान में कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अरामको के लोगो वाले एक फ्यूल डिपो में इस हमले के बाद भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए तुरंत राहत कार्य शुरू किए गए। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki al-Malki ने इस बात की पुष्टि की कि मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया गया था।

गठबंधन सेना ने नाकाम किए कई अन्य हमले

सऊदी गठबंधन ने यह भी जानकारी दी कि सिर्फ रियाद ही नहीं, बल्कि बिशा, तائف, फारसन और यानबू जैसे शहरों में नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले अन्य हमलों को भी पूरी तरह से नाकाम कर दिया गया। हौथी सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने इन सभी ऑपरेशनों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया है। उन्होंने बताया कि यह हमला सना में हुए सऊदी हवाई हमलों का बदला लेने के लिए किया गया था। तائف में गिरते हुए मलबे की वजह से कम से कम एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है। वहीं दूसरी طرف, ताइज, मारिब, हज्जा और अल-जावफ में लगातार हो रहे सऊदी हवाई हमलों के कारण हजारों यमनी नागरिक अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।

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तनाव और अमेरिका-इजराइल संघर्ष की स्थिति

यह पूरा तनाव ऐसे समय में बढ़ रहा है जब पिछले छह महीनों से अमेरिका और इजराइल का ईरान के साथ संघर्ष चल रहा है। इस टकराव के बीच ईरान ने महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को बंद कर दिया है, जबकि हौथियों ने यमन के लाल सागर तट पर स्थित मोचा और पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया है, जिससे बाब अल-मदब जलडमरूमध्य का रास्ता भी प्रभावित हुआ है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सुरक्षा परिषद के सचिव Mohsen Rezaei ने बताया कि ईरान ने कतर के माध्यम से अमेरिका को अपनी कुछ शर्तें सौंपी हैं। इन शर्तों में युद्ध को तुरंत समाप्त करना, जमी हुई संपत्तियों को वापस करना, ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाना और सऊदी-यमन संघर्ष को बंद करना शामिल है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से मिलने की इच्छा जताई है।

ईरान की चेतावनी और खाड़ी देशों का रुख

एक तरफ जहां कतर और ओमान इस मामले में मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, वहीं ईरान के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय ने कड़ी चेतावनी दी है कि अमेरिका या क्षेत्रीय देशों की तरफ से कोई भी गलती होने पर बहुत दर्दनाक हमले किए जाएंगे। संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक ईरान की सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच खाड़ी देशों का रुख बंटा हुआ नजर आ रहा है। यूएई इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए है, जबकि बहरीन, जो अमेरिकी पांचवें बेड़े की मेजबानी करता है, ने किसी भी तरह की कूटनीतिक बातचीत से साफ इंकार कर दिया है। इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर क्षेत्रीय बाजारों पर भी पड़ा है, जहां खाड़ी के शेयरों में भारी गिरावट आई है और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। खुफिया रिपोर्टों से यह भी पता चला है कि हौथी अभियानों की मदद के लिए जमीन पर सैकड़ों रिवोल्यूशनरी गार्ड के अधिकारी मौजूद हैं।

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