यमन में बड़ा संकट, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के हनिश द्वीप पर किया कब्जा.

Praggya Singh sabal15 September 20262 min read18 viewsYemen
यमन में बड़ा संकट, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के हनिश द्वीप पर किया कब्जा.

लाल सागर में समुद्री जहाजों और व्यापारिक मार्गों पर संकट लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार, 14 सितंबर 2026 को हूती विद्रोहियों ने दक्षिण लाल सागर के ग्रेटर और लेसर हहनिश द्वीप पर अपना कब्जा आधिकारिक रूप से पक्का कर लिया है। यमनी सरकार के अधिकारियों ने बताया कि सरकारी ताकतों के पीछे हटने के बाद विद्रोहियों ने इन द्वीपों पर अपने लड़ाके तैनात कर दिए हैं, जो कि पिछले हफ्ते गुरुवार, 11 सितंबर 2026 को हुआ था। इस ताजा घटनाक्रम से पहले हूती गुट ने मोखा बंदरगाह और पेरिम द्वीप पर भी कब्जा जमा लिया था, जिससे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के पास उनका प्रभाव और ज्यादा मजबूत हो गया है।

यमन में विस्थापन और क्षेत्रीय तनाव

यमन की राष्ट्रपति परिषद के प्रमुख रशाद अल-अलिमी ने इस क्षेत्र में हुए कब्जे को मामूली बताते हुए देश की संप्रभुता को फिर से हासिल करने का संकल्प लिया है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन यानी IOM ने 14 सितंबर को अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस महीने भड़की हिंसा के कारण यमन भर में लगभग 94,000 लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। आम जनता के लिए यह स्थिति बेहद कठिन हो गई है और हर तरफ डर का माहौल बना हुआ है, जिससे मानवीय संकट और ज्यादा बढ़ गया है।

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अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार पर खतरा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यमन के लिए विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने 10 सितंबर को चेतावनी दी थी कि साल 2022 में हुए संघर्षविराम के बाद से देश में एक बार फिर बड़े पैमाने पर युद्ध शुरू होने का खतरा मंडरा रहा है। संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के प्रतिनिधि ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने हद पार कर दी है, जिससे समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति खतरे में पड़ गई है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र में यमन के स्थायी प्रतिनिधि अब्दुल्लाह अली फादेल अल-सादी ने विशेष रूप से आगाह किया कि हूती विद्रोहियों की इस बढ़त से अंतरराष्ट्रीय नौवहन और वैश्विक व्यापार को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले

इस संघर्ष का दायरा अब पड़ोसी देशों तक भी फैल गया है और सऊदी अरब की सीमा पर हमलों में तेजी आई है। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने खामिस मुशायते, आभा और ताइफ शहरों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। 14 सितंबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए हैं और कई घरों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा है। सऊदी गठबंधन ने साफ कर दिया है कि इन हरकतों का करारा जवाब दिया जाएगा। हूती विद्रोहियों की इन हरकतों से भू-राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि उनकी सेना अब जिबूती में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस से महज 32 किलोमीटर यानी 20 मील की दूरी पर पहुंच गई है।

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