रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमला: 12 की मौत, दुनिया में चिंता

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (KKIA) इस हफ्ते लगातार हमलों की ज़द में रहा। 10 अक्टूबर 2026 को हुई एक मिसाइल स्ट्राइक में 12 लोगों की जान चली गई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए। सऊदी अरब में मई 2015 के बाद यह अब तक का सबसे घातक हमला बताया जा रहा है। 2026 के ईरान युद्ध शुरू होने के बाद किसी खाड़ी अरब देश पर यह सबसे गंभीर हमला माना जा रहा है।
इस हमले में मरने और घायल होने वालों में सऊदी नागरिकों के अलावा बांग्लादेश, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के लोग भी शामिल थे। यानी इसका असर सिर्फ़ एक देश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई देशों के परिवार इससे प्रभावित हुए।
हमले के बाद एयरपोर्ट का संचालन ठप हो गया। 11 अक्टूबर को KKIA बंद रहा, क्योंकि उस दिन भी एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने हमला किया। उसी दिन सऊदी गठबंधन सेना ने एक क्रूज़ मिसाइल को हवा में ही मार गिराने की जानकारी दी। स्थानीय प्रशासन ने रियाद के स्कूलों को गुरुवार तक ऑनलाइन पढ़ाई में बदल दिया है, ताकि बच्चे और अभिभावक हालात के बीच सुरक्षित रहें।
यह सिलसिला इसी हफ्ते की शुरुआत से चल रहा था। 6 अक्टूबर को अबहा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हमले में दो लोगों की मौत हुई और 28 घायल हुए। 7 अक्टूबर को KKIA पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए। 8 अक्टूबर को टर्मिनल 3 और 4 को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई। एक के बाद एक हो रहे इन हमलों ने एयरपोर्ट की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सऊदी गठबंधन और हूती आंदोलन की प्रतिक्रिया
सऊदी गठबंधन ने 10 अक्टूबर की घटना को युद्ध अपराध बताया है और जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया है। दूसरी तरफ़ हूती आंदोलन ने सऊदी एयरपोर्ट और हवाई क्षेत्र को सक्रिय युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है। उसने एयरलाइनों और यात्रियों से इन हवाई अड्डों से दूर रहने को कहा है। इससे आने वाले दिनों में उड़ानों और यात्रा योजनाओं पर और असर पड़ सकता है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नागरिक ढांचे पर हमले तुरंत रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं