लाल सागर में बड़ा तनाव, हूती बलों ने बाब अल-मंदेब और मोखा बंदरगाह पर किया कब्जा.

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच ईरान समर्थित हूती बलों ने लाल सागर के मोखा बंदरगाह, धुबाब और पेरीम द्वीप पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इस बड़े सामरिक बदलाव से वैश्विक तेल परिवहन पर सीधा खतरा मंडराने लगा है। इस बीच शरूरा स्थित एक सऊदी बेस पर प्रक्षेपास्त्र से हमला किया गया और जाज़ान प्रांत के अल-तव्वाल की एक मस्जिद को भी निशाना बनाया गया, जिसमें दो लोग घायल हुए और इमारत को नुकसान पहुंचा। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने शरूरा बेस पर हथियारों के गोदामों और कमांड सेंटर पर हमले की जिम्मेदारी ली, हालांकि रियाद सरकार की तरफ से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
हार्मोन जलडममध्य में कमर्शियल वेसल पर हमला
हार्मोन जलडममध्य के पास कश्म द्वीप के समीप सुबह के समय एक कमर्शियल वेसल पर हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन से चार लोग घायल हो गए। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने इस बात की पुष्टि की है कि वहां एक प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइलनुमा वस्तु गिरी जिसके बाद जहाज में आग लग गई। इससे पहले सऊदी अरब ने शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को इराक की ओर से आए ड्रोन हमलों के बाद अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को बंद कर दिया था। बाजार में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि दोनों महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बंद हो सकते हैं, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।
तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अधिकारी सुल्तान अल-अरादा ने मोखा और ताएज के आसपास जवाबी कार्रवाई करने की जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि पिछले 48 घंटों में सऊदी विमानों ने 129 सॉर्टियों की उड़ान भरी। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी का अनुमान है कि सितंबर की शुरुआत से लेकर अब तक हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और इस हफ्ते दो हजार से अधिक शरणार्थी जिबूती पहुंचे हैं। संकट को हल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी किए जा रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भारत में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद अल नाहयान से मुलाकात की।
ओमान में होने वाली बैठक और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
आगामी सोमवार, 14 सितंबर 2026 को ओमान में एक बैठक निर्धारित की गई है जिसमें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोन के मुद्दों पर चर्चा की जानी है, लेकिन बहरीन ने ईरान की लगातार आक्रामकता का हवाला देते हुए इस बैठक में शामिल होने से साफ मना कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले हफ्ते दो बार अमेरिका से हूती ठिकानों पर हमले करने का अनुरोध किया था जिसे अस्वीकार कर दिया गया, जबकि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने क्षेत्रीय वार्ताओं से अपनी तटस्थता व्यक्त की। रॉयटर की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान के आधिकारिक इंकार के बावजूद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तिहामा क्षेत्र में इस तटीय सैन्य अभियान को संचालित करने में मदद की।