यमन के तइज़ में हूती बलों की गोलाबारी में एक महिला की मौत और तीन अन्य नागरिक हुए घायल

तइज़: यमन के तइज़ इलाके में हूती बलों द्वारा की गई गोलाबारी में एक महिला की जान चली गई और तीन अन्य नागरिक घायल हो गए। यह हमला 18 अक्टूबर 2026 को हुआ, जिससे इस क्षेत्र में हिंसा और तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।
तइज़ के रिहायशी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बमबारी हो रही है। इससे पहले 17 अक्टूबर को मक़बना जिले के अल-मकदी गांव में एक बड़ा हमला हुआ था। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत आठ नागरिकों की मौत हो गई थी और छह लोग घायल हुए थे।
हिंसा का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 16 और 17 अक्टूबर के बीच साबिर अल-मवादिम जिले, अल-शाकब और अक़ाक़ा में हुई बमबारी में तीन नागरिकों की मौत हुई और पांच अन्य घायल हो गए।
इन हमलों के जवाब में तइज़ मिलिट्री एक्सिस ने बताया कि सरकारी सेना ने अल-शाकब फ्रंट पर हूती बलों के एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया। इस मुठभेड़ में 16 हूती लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा, 18 अक्टूबर को यमनी सैन्य विमानों ने तइज़ के पुराने हवाई अड्डे के पास चार हवाई हमले किए, जिसमें हूती हथियारों और उपकरणों को नष्ट कर दिया गया।
यमन सेना के कर्नल अब्दुल बासित अल-बहर ने कहा कि सरकारी सेना इन लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ कड़ा प्रतिरोध कर रही है। वहीं तइज़ के स्थानीय अधिकारियों ने इन गोलाबारी की घटनाओं को युद्ध अपराध बताया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों से हस्तक्षेप करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
दूसरी ओर, यमन की विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने ईरान की मध्यस्थता के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उन्होंने तेहरान को इस युद्ध में एक सक्रिय भागीदार बताया है। इसी बीच, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने जानकारी दी है कि वे सऊदी क्षेत्र की ओर दागे जा रहे हूती बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के प्रयास लगातार कर रहे हैं।