यमन के ताइज़ प्रांत में हूती बलों की गोलाबारी में तीन नागरिकों की मौत और पांच अन्य लोग हुए घायल

ताइज़ (यमन): यमन के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत ताइज़ में हूती बलों द्वारा किए गए हमलों में तीन नागरिकों की जान चली गई है। शहर के सीज अफेयर्स ऑफिस के मुताबिक, इस गोलाबारी में पांच अन्य लोग घायल हुए हैं।
यह घटना शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2026 को हुई। हमले प्रांत के दक्षिण में स्थित साबिर अल-मावादिम जिले के साथ-साथ पश्चिम के अल-शाकब इलाके और अक़ाका पड़ोस में किए गए।
मरने वालों की पहचान 28 वर्षीय सफवान सईद ओबेद, 55 वर्षीय एशिया अब्दुलसमद सईद अहमद और सफिया हज्जा सैफ अल-बादानी के रूप में हुई है। ताइज़ मानवाधिकार केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, घायलों में महिलाएं और एक लड़की भी शामिल हैं। साबिर अल-मावादिम जिले के कहलान और अल-शाकब इलाकों में तोपखाने की गोलाबारी और स्नाइपर की फायरिंग से लोग घायल हुए। वहीं, अक़ाका पड़ोस में तीन भाई छर्रों की चपेट में आने से जख्मी हो गए।
इन हमलों के दौरान अल-शाकब मोर्चे पर आठ घंटे तक लड़ाई चली। यमनी सेना ने बताया कि उन्होंने हूती बलों के एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया, जिसमें 16 हूती लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है। जवाब में सरकारी बलों ने अल-दबाब इलाके में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए।
इससे पहले 15 अक्टूबर 2026 को यमन के प्रधानमंत्री शया अल-ज़िंदानी ने ताइज़ की घेराबंदी और नागरिकों को निशाना बनाने की निंदा की थी। उन्होंने इसे युद्ध अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की।
ताइज़ विरोधी-हूती बलों का एक मुख्य गढ़ है, लेकिन यहां घेराबंदी सख्त होने से भोजन, ईंधन और चिकित्सा संसाधनों की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। पूर्व प्रधानमंत्री माईन अब्दुलमलिक सईद ने इस नाकाबंदी को एक धीमे अभियान के रूप में बताया है, जिसके गंभीर मानवीय परिणाम सामने आ रहे हैं।