यमन के विदेश मंत्रालय ने तइज़ शहर में हूती विद्रोहियों की घेराबंदी और रिहायशी इलाकों पर बमबारी की कड़ी निंदा की

तइज़ (यमन): यमन के विदेश मंत्रालय ने 20 अक्टूबर 2026 को एक औपचारिक बयान जारी कर हूती बलों द्वारा तइज़ शहर की घेराबंदी तेज करने की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय के मुताबिक, विद्रोही जानबूझकर पीने के पानी और बुनियादी जरूरी सामान की सप्लाई रोक रहे हैं और साथ ही रिहायशी इलाकों पर बमबारी जारी रखे हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने 20 अक्टूबर को बताया कि हूतियों ने शहर को लगभग पूरी तरह घेर लिया है। उन्होंने अदन जाने वाले महत्वपूर्ण रास्ते समेत जरूरी सप्लाई रूट काट दिए हैं, जिससे 2 लाख 50 हजार से ज्यादा विस्थापित लोग गंभीर खतरे में पड़ गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि तइज़ की स्वास्थ्य प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर है। शहर में खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जो कुछ मामलों में पांच गुना तक बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय समन्वयक लॉरेंट बुकेरा ने हूती अधिकारियों से मानवीय सहायता और व्यावसायिक सामानों के सुरक्षित रास्ते खोलने की अपील की है।
घेराबंदी का सबसे ज्यादा असर शहर के पश्चिमी प्रवेश द्वार पर पड़ा है, जिससे खाना पकाने वाली गैस और भोजन की भारी किल्लत हो गई है। इसी बीच नागरिकों के खिलाफ हिंसा भी बढ़ी है। 20 अक्टूबर को एक रिहायशी इलाके में हुए हूती हमले में दो किशोर लड़कियों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। स्थानीय निवासी ज़ैनब अली ने बताया कि इस हमले में उनका घर पूरी तरह तबाह हो गया।
इससे पहले 18 अक्टूबर को अल-नूर जिले में नौ नागरिकों की जान गई थी और इसी महीने की शुरुआत में चार अन्य लोग मारे गए थे, जिनमें तीन बच्चे शामिल थे। सितंबर से इस क्षेत्र में लड़ाई और तेज हो गई है, जिससे 2022 में हुआ युद्धविराम पूरी तरह खत्म हो गया है।
इस घेराबंदी के जवाब में यमन की सरकारी सेना ने 20 अक्टूबर को तइज़ के पश्चिम में हूती सैन्य वाहनों और उनकी अतिरिक्त टुकड़ियों पर लक्षित हमले किए। यमन के उप न्याय मंत्री फैसल अल-मजीदी ने 19 अक्टूबर को कहा कि अदन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तइज़ पर रणनीतिक नियंत्रण एक महत्वपूर्ण कारक है।