Yemen Crisis: हौथी प्रवक्ता ने क्षेत्रीय तनाव के बीच किसी भी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा से किया इनकार

Sushma Kumari10 September 20263 min read32 viewsSaudi
Yemen Crisis: हौथी प्रवक्ता ने क्षेत्रीय तनाव के बीच किसी भी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा से किया इनकार

यमन के संघर्ष क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 10 सितंबर 2026 को हौथी आंदोलन के एक प्रवक्ता ने आधिकारिक रूप से यह बयान दिया कि उनका समूह किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ किसी भी तरह की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा नहीं रखता है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार यह बात सामने आई है लेकिन इसके बावजूद ज़मीनी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि हाल ही में हौथी लड़ाकों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लाल सागर के मोखा बंदरगाह पर कब्जा कर लिया है।

यमन में हिंसक झड़पें और सैन्य गतिविधियां

हौथी लड़ाकों ने केवल मोखा बंदरगाह ही नहीं बल्कि होदेइदाह प्रांत के हेस और अल ख्वाखाह जिलों के साथ-साथ जुकार द्वीप पर भी अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इस दौरान सरकारी समर्थक सैन्य इकाइयों जैसे जाइंट्स ब्रिगेड और नेशंस शील्ड के जवानों ने इन झड़पों में भारी नुकसान और हताहत होने की बात कही है। संघर्ष में अचानक आई इस तेजी के बाद सऊदी अरब की तरफ से भी कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली है जहाँ खामिस मुशायट, आभा और जाज़ान शहरों को बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। इन हमलों की वजह से कम से कम 73 नागरिक घायल हो गए हैं।

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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन भर में कुल 54 हवाई हमले किए। यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के उपाध्यक्ष तारेक सालेह ने मोखा से रणनीतिक पीछे हटने की बात स्वीकार की ताकि सेना को फिर से संगठित किया जा सके। उन्होंने भारी नुकसान का हवाला देते हुए यह भी पुष्टि की कि सरकारी बलों ने अब राजधानी सना पर फिर से कब्जा करने के लिए एक नए जवाबी हमले की शुरुआत कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी आप ReliefWeb Report पर देख सकते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक तनाव

इस बड़े क्षेत्रीय घटनाक्रम पर दुनिया भर के देशों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यूनाइटेड किंगडम ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने यमन गणराज्य की सरकार को अपना पूरा समर्थन देने की बात दोहराई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने चेतावनी दी है कि हौथियो के इन कदमों ने क्षेत्र में एक बड़े तनाव को जन्म दे दिया है। इसके अलावा पाकिस्तान ने भी संकेत दिया है कि यदि इसी तरह की आक्रामकता जारी रही तो सऊदी अरब के साथ उसकी पुरानी रक्षा संधि को सक्रिय किया जा सकता है।

एक तरफ हौथी प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुल्सलाम का यह दावा है कि लाल सागर में नौकायन अभी भी पूरी तरह सुरक्षित है, तो दूसरी तरफ खुफिया रिपोर्टों से यह बात सामने आती है कि ईरान लगातार इस समूह को इन हमलों को अंजाम देने के लिए फंडिंग और आधुनिक हथियार मुहैया करा रहा है। गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के लिए इस तरह की सुरक्षा स्थितियां चिंता का विषय बनती जा रही हैं क्योंकि इसका असर सीधे तौर पर क्षेत्रीय स्थिरता और यात्रा पर पड़ता है।

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