सऊदी अरब पर बड़ा हमला, ऊर्जा संयंत्रों और रिहायशी इलाकों में मिसाइल स्ट्राइक से 73 लोग घायल.

सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में ईरान समर्थित हौदी विद्रोहियों ने अचानक बड़ा हमला बोल दिया है। इस भयानक हमले में 73 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सऊदी सरकार ने इस घटना को एक गंभीर आक्रामकता करार दिया है और यूएई, बहरीन तथा कतर जैसे देशों ने इसके खिलाफ कड़ी निंदा की है।
सऊदी अरब के कई शहरों को बनाया गया निशाना
अभा, खमीस मुशायत, जाज़ान और नजरान जैसे प्रमुख शहरों में नागरिक इलाकों और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इस गोलाबारी में तेल प्रतिष्ठानों और एक एयरबेस को भी नुकसान पहुंचा है। पिछले छह महीनों से चल रहे इस तनाव के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, जिससे सऊदी अरब, बहरीन, कतर, ओमान और कुवैत जैसे देश प्रभावित हो रहे हैं.
ओमान के सलालाह में होगी उच्च स्तरीय बैठक
इस संकट से निपटने के लिए सोमवार को ओमान के सलालाह में एक अहम कूटनैतिक बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में ईरान, इराक, सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग बनाना है। ओमान और ईरान मिलकर ईरानी और ओमान पानी के रास्ते एक अस्थायी मार्ग बनाने पर बातचीत कर रहे हैं। हालांकि कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने साफ कहा है कि खाड़ी देश अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह अमेरिका पर निर्भर नहीं रह सकते हैं.
खाड़ी देशों में सुरक्षा और तेल बाजारों पर असर
यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गश ने कहा है कि इन हमलों के बाद ईरान के साथ भरोसे को दोबारा कायम करना बहुत मुश्किल काम होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मदब के एक साथ बंद होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में हलचल तेज हो गई है। कुवैत और बहरीन में भी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल दागने के बाद ईरान के पांच कच्चे तेल के जहाजों को नष्ट कर दिया गया। भारत और अन्य देशों से खाड़ी आने-जाने वाले लोगों और कामगारों के लिए भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, क्योंकि क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।