Saudi Arabia पर हूती विद्रोहियों का हमला, राजधानी रियाद में पहली बार जारी हुआ खतरा.

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को सिविल डिफेंस ने बड़ा खतरा होने का अलर्ट जारी किया है। यह पहली बार हुआ है जब यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों की वजह से सऊदी राजधानी को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है और चेतावनी जारी करनी पड़ी है। रॉयटर्स और एएफपी के पत्रकारों ने ओलाया जिले में दो धमाकों की आवाज सुनी, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने का सिग्नल दिया गया। हालांकि, राजधानी में किसी के हताहत होने या नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस पूरी घटना के बाद से आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों में चिंता का माहौल बढ़ गया है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से मुस्तैद हो गई हैं।
ऊर्जा युद्ध और सैन्य संघर्ष
यह पूरा संघर्ष एक बड़े ऊर्जा युद्ध के बीच चल रहा है, जहां ईरान ने फरवरी के अंत से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर रखा है। इसकी वजह से खाड़ी देशों के कच्चे तेल को लाल सागर और सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की तरफ मोड़ना पड़ रहा है। हूती विद्रोहियों ने हाल ही में मोखा और पेरिम द्वीप सहित यमन के पूरे लाल सागर तट पर कब्जा कर लिया है। इसके जवाब में सऊदी वायु सेना ने ताइज़, मारिब, हज्जा और होदेइदाह में सैंकड़ों उड़ानें भरी हैं, जिसमें एक ही दिन में 40 F-15 स्ट्राइक भी शामिल हैं। हालांकि हूती विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने एक सऊदी एफ-15 को गिरा दिया है, लेकिन रियाद ने इसकी पुष्टि नहीं की है। रियाद ने केवल एक मौत की पुष्टि की है, जिसमें ताइफ में एक यमनी नागरिक की मौत ड्रोन के मलबे से हो गई थी। इस हमले में एक सऊदी महिला और एक पाकिस्तानी नागरिक भी घायल हो गए, जिससे इस महीने घायलों की कुल संख्या कम से कम 87 तक पहुंच गई है।
कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
मंगलवार को गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को हवा में ही मार गिराए जाने की जानकारी दी थी। हूती इस बात से इनकार करते हैं कि वे किसी पवित्र शहर को निशाना बना रहे हैं, जबकि ईरान ने सऊदी अरब के इस दावे पर सवाल खड़े किए हैं। इस बीच, कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह से ठप नजर आ रहे हैं। ओमान में होने वाली होर्मुज कॉरिडोर की बैठक को टाल दिया गया है और बहरीन ने तेहरान के साथ बातचीत करने से साफ मना कर दिया है। संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद अल नाहयान ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की थी, लेकिन इस बैठक से जलमार्ग का रास्ता नहीं खुल सका। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने एस्पिडेस मिशन के जरिए अपनी नौसेना की मौजूदगी बढ़ाने का वादा किया है, जहां शुक्रवार को फ्रिगेट कार्लो बेरगामिनी ने बाब अल-मंदेब के रास्ते व्यापारी जहाज जोली ओरो को सुरक्षा प्रदान की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी शुक्रवार को सऊदी बुनियादी ढांचे पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है।
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन यानी IOM की रिपोर्ट के अनुसार, इस लड़ाई की वजह से 100,000 से ज्यादा यमनी लोग अपने घरों को छोड़कर भागने को मजबूर हुए हैं, जिनमें से कई लोग जिबूती या देश के अंदर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकचजी से संपर्क करके संयम बरतने की अपील की है, और चीन ने भी इसी तरह की निजी अपीलें की हैं। ओमान की तरफ से मध्यस्थता करके लाया गया दो हफ्ते का युद्धविराम प्रस्ताव 18 सितंबर को ठुकरा दिया गया था। भले ही रियाद में तत्काल खतरा टल गया हो, लेकिन हूती-ईरान गठजोड़ द्वारा सऊदी राजनीतिक केंद्र में इस तरह के सिविल अलर्ट जारी करवाने की क्षमता इस संघर्ष में एक बहुत बड़ा बदलाव लेकर आई है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।