फैसलाबाद में HRFP ने मानवाधिकार के लिए न्याय की मांग दोहराई

फैसलाबाद (पाकिस्तान): पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और वंचित समुदायों से जुड़े मानवाधिकार के मुद्दे अब भी बने हुए हैं। इसी को देखते हुए मानवाधिकार संगठन Human Rights Focus Pakistan (HRFP) ने फैसलाबाद में अपने मानवाधिकार दस्तावेज़ीकरण और वकालत परियोजना का समापन किया।
HRFP ने ताइवान फाउंडेशन फॉर डेमोक्रेसी (TFD) के साथ मिलकर मानवाधिकार रक्षकों (HRDs) के नेटवर्क की 14वीं बैठक आयोजित की। इसके बाद परियोजना "Human Rights Documentation, Fact-Findings, and Advocacy for the Marginalized-II" के समापन और पुनः संकल्प समारोह हुआ।
बैठक में मानवाधिकार रक्षक, नागरिक समाज के प्रतिनिधि, सरकारी और पुलिस अधिकारी, पत्रकार और वकील शामिल हुए। अलग-अलग शहरों के प्रतिभागी ऑनलाइन भी जुड़े।
यह पहल अप्रैल 2026 में शुरू हुई थी, जबकि इसका पहला चरण जनवरी 2025 में चलाया गया था। इसके तहत तथ्य-खोज मिशन, मामलों का दस्तावेज़ीकरण, क्षमता निर्माण सत्र, जागरूकता अभियान और वकालत की गतिविधियां की गईं। फोकस पीड़ितों की मदद और पूरे पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों व अन्य कमजोर समुदायों के अधिकारों पर रहा।
HRFP के अध्यक्ष नवीद वाल्टर ने TFD और HRDs नेटवर्क के सदस्यों के योगदान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने लोकतंत्र, कानून के शासन, अभिव्यक्ति की आज़ादी, धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और जवाबदेही के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत पर जोर दिया।
समारोह में संगठन की REAT हेल्पलाइन की मांग भी सामने आई, जो 2013 से चल रही है। संगठन के मुताबिक, इस हेल्पलाइन पर जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 900 से ज्यादा कॉल आए। इसकी तुलना में 2025 में 1,220 और 2024 में 1,198 कॉल दर्ज हुए थे।
HRFP ने बताया कि ये कॉल धर्म, आस्था और अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़ी समस्याओं में सुलभ सहायता की जरूरत दिखाते हैं। संगठन के अनुसार, हेल्पलाइन डेस्क रिपोर्ट किए गए मामलों की समीक्षा करती है, ताकि उचित सहायता और कार्रवाई की जा सके। संगठन ने अपनी फैक्ट-फाइंडिंग टीमों और वकालत समूह को बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई, ताकि कथित उल्लंघनों का दस्तावेज़ीकरण हो सके, अधिकारियों से बात की जा सके और नीतिगत सुधारों के लिए दबाव बनाया जा सके। समारोह में मानवाधिकार रक्षकों और अन्य योगदानकर्ताओं को प्रशंसा प्रमाणपत्र दिए गए।