रेजिनगर में हार के बाद 2029 के बाद दुबई जाने की तैयारी में हुमायूं कबीर

पश्चिम बंगाल के रेजिनगर उपचुनाव में अपनी पार्टी की करारी हार के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर ने एक चौंकाने वाला ऐलान किया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह साल 2029 के बाद भारत छोड़कर दुबई में बसने की योजना बना रहे हैं। शुक्रवार को दिए अपने बयान में कबीर ने स्पष्ट किया कि वह 10 साल का वीजा लेकर दुबई चले जाएंगे, लेकिन उससे पहले उनके कुछ जरूरी काम बाकी हैं।
हुमायूं कबीर ने बताया कि फिलहाल उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता मुर्शिदाबाद में बन रही बाबरी मस्जिद के निर्माण कार्य को पूरा कराना है। उन्होंने साफ किया कि जब तक मस्जिद का काम पूरा नहीं हो जाता, वह भारत में ही रहेंगे। हालांकि, उन्होंने राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने की बात नहीं कही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह 2029 के लोकसभा चुनाव में फिर से मैदान में उतर सकते हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर 2029 में अधीर चौधरी उम्मीदवार बनते हैं, तो वह उन्हें एक बार फिर हराने की कोशिश करेंगे।
चुनाव में हार और पुलिस पर गंभीर आरोप
रेजिनगर की मुस्लिम बहुल सीट पर भाजपा की जीत और अपने बेटे गुलाम नबी आजाद के पिछड़ने के बाद हुमायूं कबीर काफी निराश नजर आए। मतदान के अगले दिन उन्हें रोते हुए भी देखा गया था। इस हार के पीछे उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कबीर का दावा है कि मतदान के दिन थाना प्रभारी ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें करीब 12 घंटे तक थाने में बंद रखा।
उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जानबूझकर हिरासत में लिया ताकि वह मतदान के दौरान होने वाली कथित धांधली को रोक न सकें और उनके कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस स्थिति में उन्हें रखा गया, उसमें वह मतगणना के दौरान अपनी निगरानी कैसे कर सकते थे। अब उनके इस बयान के बाद कि वह 2029 के बाद दुबई शिफ्ट हो जाएंगे, राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा शुरू हो गई है।