रोहिंग्या नरसंहार केस में म्यांमार पर 19 नवंबर 2026 को फैसला सुनाएगा ICJ

म्यांमार के खिलाफ रोहिंग्या नरसंहार मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस 19 नवंबर 2026 को अपना अंतिम फैसला सुनाएगा।

Gautam Sahu4 November 20262 min read0 viewsWorld
रोहिंग्या नरसंहार केस में म्यांमार पर 19 नवंबर 2026 को फैसला सुनाएगा ICJ

ढाका (बांग्लादेश): म्यांमार द्वारा रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ किए गए कथित अत्याचारों और नरसंहार के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) 19 नवंबर 2026 को अपना फैसला सुनाएगा। ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह मामला गाम्बिया द्वारा म्यांमार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र नरसंहार कन्वेंशन के उल्लंघन के आरोपों को लेकर दायर किया गया है।

यह पूरा विवाद अगस्त 2017 में म्यांमार के उत्तरी राखाइन राज्य में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए सैन्य अभियान से जुड़ा है। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में रोहिंग्या लोगों को विस्थापित होना पड़ा था। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 7 लाख से ज्यादा रोहिंग्या म्यांमार छोड़कर पड़ोसी देश बांग्लादेश भाग गए थे।

ह्यूमन राइट्स वॉच ने बताया कि अगस्त 2017 में म्यांमार की सुरक्षा सेनाओं ने उत्तरी राखाइन राज्य में जातीय रोहिंग्याओं के खिलाफ सामूहिक हत्याकांड, बलात्कार और आगजनी का अभियान चलाया था। इसी वजह से 7 लाख से अधिक लोग अपनी जान बचाकर बांग्लादेश जाने को मजबूर हुए।

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गाम्बिया ने नवंबर 2019 में ICJ के सामने यह मामला पेश किया था। गाम्बिया का आरोप था कि म्यांमार ने रोहिंग्याओं के प्रति जो क्रूरता दिखाई, वह नरसंहार के अपराध की रोकथाम और सजा से संबंधित संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का उल्लंघन है।

HRW ने इस कानूनी प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं है। इसके बजाय, अदालत यह तय करेगी कि क्या म्यांमार राज्य नरसंहार के लिए जिम्मेदार है।

ह्यूमन राइट्स वॉच की सीनियर इंटरनेशनल जस्टिस काउंसिल मारिया एलेना विग्नोली ने कहा कि ICJ का यह फैसला रोहिंग्याओं की न्याय की तलाश में एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला याद दिलाएगा कि रोहिंग्याओं का उत्पीड़न अब भी जारी है और मानवाधिकारों का सम्मान करने वाले देशों को उनकी सहायता करने, अत्याचारों के लिए न्याय दिलाने और उनकी सुरक्षित व स्वैच्छिक वापसी सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।

संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि 19 नवंबर को आने वाला यह फैसला अंतिम होगा। इस फैसले के खिलाफ अपील की कोई गुंजाइश नहीं होगी, जिससे अदालत में चल रही इस पूरी कानूनी कार्यवाही का समापन हो जाएगा।

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