मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ा तो भारी मानवीय तबाही, रेड क्रॉस की चेतावनी

मध्य पूर्व: इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) की अध्यक्ष मिरजाना स्पोल्जारिक ने 13 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि इलाके में लड़ाई और तेज़ हुई तो दसियों करोड़ आम लोगों पर इसका विनाशकारी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस समय गैर-लड़ाकू लोग संघर्ष की असहनीय कीमत चुका रहे हैं।
उन्होंने तुरंत तनाव कम करने की अपील की, ताकि और नुकसान को रोका जा सके। ICRC ने याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत सभी पक्ष आम नागरिकों, नागरिक ढांचे और सैन्य लक्ष्यों के बीच फर्क करने के लिए बाध्य हैं।
संगठन ने बंदरगाहों और हवाई अड्डों जैसे अहम ढांचे पर हमलों पर गहरी चिंता जताई। उसके मुताबिक ऐसे हमले इन पर निर्भर समुदायों के लिए ज़रूरी सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।
यमन में फिर से शुरू हुआ गृहयुद्ध ICRC की चिंता का सबसे बड़ा केंद्र है। यह संघर्ष जुलाई 2026 में भड़का, जबकि उससे पहले कुछ समय तक हालात अपेक्षाकृत शांत थे। लड़ाई में मौतों में तेज़ बढ़ोतरी हुई, बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए और अदन व सना जैसे शहरी इलाकों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।
इसी दौरान इलाके में सीमा पार हमले भी लगातार हो रहे हैं। सऊदी अरब ने ईरान समर्थित हूती समूह से जुड़े हमलों में कई लोगों के हताहत होने और इमारतों व ढांचों को नुकसान की जानकारी दी है। इन हमलों में सऊदी तेल ठिकाने, परिवहन केंद्र, टैंकर और रियाद के हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है, जिससे सऊदी नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन हिंसा के चक्र में और गहराई तक खिंच गया है।
स्पोल्जारिक ने दोहराया कि ICRC उन लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है जो शत्रुता में शामिल नहीं हैं। संगठन बिगड़ते हालात पर नज़र रख रहा है।