इजराइल सेना का सख्त कदम, विवादित फिल्म 'नाजा' के दावों पर कानूनी कार्रवाई और लीक की जांच शुरू

गाजा हमलों से जुड़ी एक विवादित डॉक्यूमेंट्री 'नाजा' को लेकर इजराइल डिफेंस फोर्सेज यानी आईडीएफ (IDF) में हड़कंप मच गया है। सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने इस फिल्म में लगाए गए दावों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, इस फिल्म के निर्माण में कथित तौर पर गोपनीय सैन्य सामग्री के इस्तेमाल और उसके बाहर लीक होने की भी उच्च स्तर पर जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि संवेदनशील दस्तावेज किन लोगों के हाथों तक पहुंचे।
फिल्म में किए गए हैं गंभीर दावे
तेल अवीव में सोमवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ इस डॉक्यूमेंट्री के हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की। इस विवादित फिल्म में मुख्य रूप से यह दावा किया गया है कि इजराइल ने गाजा पट्टी में सैन्य कार्रवाई के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आधारित हमलों का इस्तेमाल किया था। फिल्म के निर्माताओं का कहना है कि इन हमलों की वजह से बड़ी संख्या में आम नागरिकों की जान गई। हालांकि, आईडीएफ ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सेना का साफ कहना है कि उन्होंने अभी तक पूरी डॉक्यूमेंट्री नहीं देखी है, और उन्होंने फिल्म निर्माताओं से इसकी विशेष स्क्रीनिंग करने का औपचारिक अनुरोध किया है ताकि सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक और स्पष्ट प्रतिक्रिया दी जा सके।
सैनिकों की सुरक्षा को खतरा और नई टीम का गठन
बैठक के दौरान सेना प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म के सार्वजनिक रूप से सामने आए अंश और प्रचार सामग्री पूरी तरह से निराधार हैं और यह आईडीएफ तथा उसके तैनात सैनिकों के खिलाफ लगाए गए गंभीर एवं झूठे आरोप हैं। उनका मानना है कि इस तरह की मनगढ़ंत सामग्री से युद्ध के मैदान में डटे सैनिकों और कमांडरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जमीर ने एक विशेष बहु-विषयक टीम गठित करने का आदेश दिया है। यह टीम सेना के खिलाफ फैलाए जा रहे ऐसे तमाम गलत दावों और दुष्प्रचार से निपटने के लिए ठोस उपाय सुझाएगी। इसके अलावा, सैन्य एडवोकेट जनरल मेजर जनरल इताई ओफिर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे इस फिल्म और इसके निर्माण से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कदमों की पूरी समीक्षा करें।
गोपनीय दस्तावेजों के लीक होने की होगी आंतरिक जांच
कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सेना का पूरा ध्यान इस बात पर भी है कि आखिर इजराइल की गोपनीय सैन्य सामग्री फिल्म निर्माताओं तक कैसे पहुंची। सैन्य नेतृत्व को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे उन रास्तों और लोगों का पता लगाएं जिनकी मदद से यह संवेदनशील जानकारी बाहर लीक हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में आईडीएफ के कई दिग्गज अधिकारी शामिल हुए, जिनमें वायुसेना प्रमुख, खुफिया इकाई 8200 के कमांडर और सेना के मुख्य प्रवक्ता भी मौजूद रहे। सेना यह सुनिश्चित करना चाहती है कि देश की सुरक्षा से जुड़े गुप्त दस्तावेज और सामग्रियां पूरी तरह सुरक्षित रहें और भविष्य में इस तरह की चूक दोबारा न हो।