IEA ने वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने के लिए जारी किए 32.5 करोड़ तेल बैरल

दुनियाभर में ऊर्जा बाजार में मचे हाहाकार और अनिश्चितता के माहौल के बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने के प्रयास के तहत अपने रणनीतिक भंडारों से लगभग 32.5 करोड़ बैरल तेल और तेल उत्पादों को बाजार में उतारा है। यह जानकारी एजेंसी के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने दी है, जिससे यह साफ होता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को इस संकट से उबारने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
ऐतिहासिक स्टॉक रिलीज और सदस्य देशों का योगदान
यह चौंकाने वाला आंकड़ा मार्च 2026 में IEA के 32 सदस्य देशों द्वारा किए गए कुल 400 मिलियन (40 करोड़) बैरल के वादे का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। एजेंसी के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा स्टॉक रिलीज माना जा रहा है। इस सामूहिक कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के संकट और अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण ऊर्जा बाजारों में आए व्यवधानों को कम करना है।
वैश्विक बाजारों पर संघर्ष का दबाव
हाल के दिनों में ऊर्जा बाजारों पर दबाव कई गुना बढ़ गया है। एक तरफ जहाँ पश्चिम एशिया के हालात ने चिंता बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर रूसी रिफाइनरियों पर हुए हमलों ने वैश्विक डीजल आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है और कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव पैदा कर दिया है। इन तमाम गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए G7 देशों के नेताओं ने भी आगामी महीनों में अतिरिक्त डीजल और कच्चे तेल को जारी करने पर सहमति जताई है।
आगे की रणनीति और निगरानी
बाजार को जल्द से जल्द स्थिरता प्रदान करने के लिए G7 सदस्य रिफाइनरी के रखरखाव कार्यक्रमों को समन्वित करने और अपनी उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही, वे आपसी ऊर्जा निर्यात प्रतिबंधों से बचने के लिए भी तैयार हुए हैं। IEA को इन सभी उपायों के कार्यान्वयन की निगरानी करने और अगले 20 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का जिम्मा सौंपा गया है, जिसमें भविष्य के आपातकालीन स्टॉक को फिर से भरने की सिफारिशें भी शामिल होंगी।