IEA: वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने के लिए 325 मिलियन बैरल तेल जारी

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है। इस संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी द्वारा दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए अब तक करीब 325 मिलियन बैरल तेल बाजार में जारी किया जा चुका है।
यह आंकड़ा मार्च महीने में घोषित किए गए कुल 400 मिलियन बैरल के सामूहिक संकल्प का 80 प्रतिशत से अधिक है। IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने जी7 नेताओं की ऊर्जा सुरक्षा और बाजारों पर हुई एक वीडियो बैठक के दौरान यह अहम आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि इस सामूहिक प्रयास ने मौजूदा अनिश्चित दौर में बाजार को संभालने और आपूर्ति के बड़े अंतर को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बैठक के दौरान वैश्विक ऊर्जा बाजारों, खासकर डीजल की भारी किल्लत और आपूर्ति पर मंडराते संकट को लेकर गंभीर चर्चा हुई। फातिह बिरोल ने इस बात पर जोर दिया कि Strait of Hormuz संकट का असर अभी भी ऊर्जा बाजारों पर गहराई से बना हुआ है, जिसके कारण रिफाइंड उत्पादों, विशेष रूप से डीजल के प्रवाह में भारी बाधाएं आ रही हैं। इसके अलावा, अन्य भू-राजनीतिक संघर्षों और रिफाइनरियों पर हमलों के चलते स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर आर्थिक जोखिम बढ़ रहा है।
जी7 देशों के नेताओं ने इस स्थिति से निपटने के लिए ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने और भविष्य के लिए अपनी सहनशक्ति को मजबूत करने पर सहमति जताई है। IEA और G7 के इन समन्वित प्रयासों का मुख्य उद्देश्य बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाना और उपभोक्ताओं तक जरूरी ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।