IFAD Report: प्रवासियों ने 2025 में भेजे 728.6 अरब डॉलर, जानिए पूरी खबर

Nura Basta15 September 20263 min read31 viewsFinance
IFAD Report: प्रवासियों ने 2025 में भेजे 728.6 अरब डॉलर, जानिए पूरी खबर

दुनिया भर के प्रवासियों ने साल 2025 में अपने घर और परिवार के लिए बड़ा पैसा भेजा है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था IFAD (International Fund for Agricultural Development) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल दुनिया भर के कम और मध्यम आय वाले देशों में कुल $728.6 billion यानी 728.6 अरब डॉलर की रकम रेमिटेंस के रूप में भेजी गई। यह हैरान करने वाली रकम आज से ठीक दस साल पहले की तुलना में लगभग दोगुनी है। साल 2016 से 2025 के बीच इस लेन-देन में 94% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि इसी दौरान उन देशों से बाहर जाने वाले प्रवासियों की संख्या में 28% का इजाफा हुआ था।

फिलहाल दुनिया भर में करीब 220 million यानी 22 करोड़ प्रवासी और उनके परिवार के लोग मिलकर लगभग 1.1 billion यानी 110 करोड़ रिश्तेदारों को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक खास कार्यक्रम के दौरान आईएफएड के फाइनेंसिंग फैसिलिटी फॉर रेमिटेंसेस मैनेजर Pedro de Vasconcellos ने बताया कि लोग आम तौर पर एक बार में $300 से $400 तक की रकम भेजते हैं और साल भर में ऐसा नौ या दस बार किया जाता है। पिछले साल भेजा गया कुल पैसा दुनिया भर की सरकारी विकास सहायता से चार गुना ज्यादा था और इसने कम तथा मध्यम आय वाले क्षेत्रों में आने वाले विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि अगर डिपोर्टेशन यानी देश से निकाले जाने की कार्रवाई बढ़ती है, नौकरी की मांग में उतार-चढ़ाव आता है या फिर रोजगार के नियमों में सख्ती होती है, तो लोगों की पैसा भेजने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है।

क्षेत्रीय आंकड़े और सबसे बड़े लाभार्थी

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अगर इलाकों के हिसाब से बात करें तो Asia and the Pacific का इलाका सबसे बड़ा रिसीवर रहा है, जहां कुल रकम का 53% यानी $384.9 billion पहुंचे। इसके अलावा, Latin America and the Caribbean में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ोतरी देखी गई, जहां यह आंकड़ा 132% बढ़कर $168.6 billion तक पहुंच गया। वहीं अफ्रीका महाद्वीप को कुल $124.2 billion मिले, जिसमें पिछले दशक के मुकाबले 86% की तेजी आई है और इस बार मिस्र यानी Egypt ने नाइजीरिया को पीछे छोड़कर महाद्वीप में सबसे ज्यादा रेमिटेंस पाने वाला देश का स्थान हासिल कर लिया है।

पैसों का इस्तेमाल और डिजिटल सेवाओं की स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, भेजे जाने वाले कुल पैसों में से लगभग 75% हिस्सा सीधे तौर पर रोजमर्रा की जरूरतों जैसे बिजली-पानी के बिल, खाने-पीने का सामान और घर के किराए पर खर्च किया जाता है। इसके अलावा बचा हुआ 25% हिस्सा यानी $180 billion से ज्यादा की रकम बच्चों की पढ़ाई, सेहत, बचत, मकान खरीदने और छोटे-मोटे बिजनेस में लगाई जाती है। साल 2025 में लगभग $233 billion ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंचे। इसके बावजूद, अधिकारियों का साफ कहना है कि ये पैसे कभी भी सरकारी मदद, जलवायु वित्त या सामाजिक सुरक्षा का विकल्प नहीं बन सकते हैं। डिजिटल लेन-देन की बात करें तो हालांकि 50% से ज्यादा पैसे भेजने की शुरुआत ऑनलाइन होती है, लेकिन साल 2025 में केवल 35% सेवाएं ही भेजने वाले से लेकर पाने वाले तक पूरी तरह डिजिटल थीं और आज भी बहुत से लोग कैश ही लेते हैं। डिजिटल ट्रांसफर में औसतन 4.6% खर्चा आता है, जबकि बिना डिजिटल वाले तरीकों में यह खर्चा 7.3% तक बैठता है।

Share:

Comments

Leave a comment