सऊदी अरब पर हमलों से दुनिया भर में नकारात्मक असर की चेतावनी, IMF प्रमुख ने दी

बैंकॉक (थाईलैंड): अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने बुधवार को कहा कि सऊदी अरब पर हो रहे हमलों से "हर जगह सबके लिए" नकारात्मक असर पड़ सकता है। IMF सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव को लेकर लगातार नज़र रख रहा है।
जॉर्जीवा ने यह बात 2026 की IMF-विश्व बैंक समूह की वार्षिक बैठक में वैश्विक नीति एजेंडा पर हुई ब्रीफिंग में कही। थाईलैंड के बैंकॉक में हो रही इस छह दिवसीय बैठक में 191 सदस्य देशों के प्रतिनिधि, पत्रकार, नीति निर्माता और नागरिक समाज के नेता हिस्सा ले रहे हैं, और यह बैठक 18 अक्टूबर को खत्म होगी। उन्होंने सऊदी नेतृत्व के हाल के ढांचागत सुधारों की सराहना की।
जॉर्जीवा ने सऊदी अरब और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की मज़बूती का भी ज़िक्र किया। उनके मुताबिक़ आर्थिक विविधीकरण और गैर-तेल क्षेत्र की वृद्धि ने ज़रूरी आर्थिक सुरक्षा कवच तैयार किए हैं। इससे पहले GCC के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भी उन्होंने यही बात रखी थी कि क्षेत्रीय संघर्ष से विकास की रफ़्तार धीमी पड़ी है।
उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के लगभग बंद होने और लाल सागर में बाधाओं का खास तौर पर ज़िक्र किया। इनकी वजह से तेल और गैस के निर्यात में भारी कमी आई है, ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा है और व्यापार घटने, कारोबारी भरोसा कमज़ोर होने और ज़रूरी चीज़ों के दाम बढ़ने से गैर-हाइड्रोकार्बन गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
मंगलवार को जारी IMF की अक्टूबर 2026 की विश्व आर्थिक दृष्टिकोण रिपोर्ट में सऊदी अरब के लिए अनुमान बदले गए हैं। 2027 में सऊदी अरब की वृद्धि दर का अनुमान 7.9 प्रतिशत किया गया है, जो जुलाई के 5.5 प्रतिशत के अनुमान से 2.4 प्रतिशत अंक ज़्यादा है। वहीं 2026 के लिए अनुमान 1.7 प्रतिशत वृद्धि से घटाकर 3.3 प्रतिशत संकुचन कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के ऊर्जा निर्यात के विविध रास्ते उसे क्षेत्र की दूसरी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भू-राजनीतिक अस्थिरता से बेहतर सुरक्षा देते हैं।
रिपोर्ट में महंगाई के बारे में भी अनुमान है। IMF के मुताबिक़ सऊदी अरब में इस साल महंगाई दर 2025 के 2 प्रतिशत से घटकर 1.9 प्रतिशत रह सकती है, और 2027 में यह बढ़कर 2.2 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।