हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा पर IMO का बड़ा बयान, कूटनीतिक समाधान पर दिया जोर

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव Arsenio Dominguez ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान एक अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए चल रही बातचीत कूटनीति की फिर से एक नई शुरुआत है। UNGA की आम बहस 22 से 28 सितंबर 2026 तक चल रही है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि समुद्र में जहाजों की आज़ादी और नाविकों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जब तक कोई पक्की सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, तब तक कमर्शियल जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने से बचना चाहिए।
हमलों के आंकड़े और नाविकों की मुश्किलें
IMO के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 से लेकर अब तक लाल सागर, बाब अल-मंदाब और हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम रास्तों पर कुल 80 जहाजों पर हमले हो चुके हैं। इन हमलों की वजह से कम से कम 22 नाविकों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, इस इलाके में लगभग 6,000 क्रू मेंबर फंसे हुए हैं जिन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही की घटनाओं में 21 सितंबर को टैंकर LR Stephanie पर हमला हुआ जिसमें दो नाविकों को मामूली चोटें आईं। वहीं, 20 सितंबर को एलपीजी कैरियर Al Maryah पर भी ड्रोन से हमला किया गया। ब्रिटेन की समुद्री व्यापार संचालन संस्था UKMTO ने पिछले एक हफ्ते के दौरान इस जलडमरूमध्य के पास टैंकरों से जुड़ी चार अलग-अलग घटनाओं की रिपोर्ट दी है।
कूटनीतिक बैठकें और अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कूटनीतिक कोशिशें काफी तेज हो गईं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने महीनों में पहली बार अमेरिका के विशेष दूत Steve Witkoff से मुलाकात की। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मुलाकात को बहुत ही प्रोडक्टिव बताया और कहा कि ईरान की कुछ शर्तों को पूरा करने को लेकर एक डील की तरफ कदम बढ़ रहे हैं। इन शर्तों में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाना, रोकी गई संपत्तियों को वापस देना और प्रतिरोध मोर्चों पर युद्ध खत्म करना शामिल है। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल Brad Cooper ने 21 सितंबर को बताया कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी ने ईरान से जुड़े 110 मर्चेंट जहाजों को सफलतापूर्वक वापस लौटा दिया है और यह कार्रवाई सौ फीसदी असरदार रही है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर और अन्य देशों की प्रतिक्रिया
इटली के विदेश मंत्री Antonio Tajani और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas सहित कई यूरोपीय अधिकारियों ने भी ईरानी मंत्री से बातचीत की और बिना किसी रुकावट के जहाजों की आवाजाही जारी रखने की वकालत की। रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने फोन पर बातचीत करके हॉर्मुज और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलने के रास्तों पर चर्चा की। मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने समुद्री रास्तों को बचाने के लिए राजनीतिक बातचीत की अपील की। इस बीच, ईरान की संसद ने एक कानून पर काम आगे बढ़ाया है जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के माल का 20 प्रतिशत हिस्सा जब्त किया जा सकता है। हूती विद्रोहियों ने भी लाल सागर और सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट क्रूड पाइपलाइन को निशाना बनाकर दबाव बढ़ा दिया है। आपको बता दें कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल, 19 प्रतिशत प्राकृतिक गैस (LNG), एक तिहाई फर्टिलाइज़र, 12 प्रतिशत कंटेनर फ्रेट और 9 प्रतिशत कारें इसी रास्ते से होकर गुजरती हैं।