Imran Khan के बेटे का बड़ा बयान, कहा- 27 सितंबर के प्रदर्शन पर जेल पर हो सकता है हमला.

पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल बहुत ज्यादा तेज हो चुकी है और पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan के बेटे ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान जारी किया है। आगामी 27 September को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI पार्टी की तरफ से एक बड़े प्रदर्शन और मार्च का ऐलान किया गया है। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य मकसद जेल में बंद अपने नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग करना है। लेकिन इस बीच इमरान खान के बेटे Kasim Khan ने समर्थकों से एक बड़ी अपील की है और उन्हें चेतावनी दी है कि वे रावलपिंडी की Adiala jail के पास बिल्कुल भी न जाएं। कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए लोगों को आगाह किया है कि इस विरोध प्रदर्शन का गलत फायदा उठाया जा सकता है।
अदियाला जेल पर हमले की आशंका और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कासिम खान ने अपने संदेश में साफ तौर पर कहा कि उन्हें सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि यदि समर्थक जेल के पास आते हैं तो प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां इसे एक बहाना बना सकती हैं। सरकार इस स्थिति का फायदा उठाकर जेल के ऊपर एक जवाबी हमला या काउंटर असॉल्ट कर सकती है, जिससे उनके पिता इमरान खान की जान को बहुत बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे ऐसा कोई भी कदम न उठाएं जिससे उनके पिता के जीवन पर किसी भी प्रकार का संकट आए। आपको बता दें कि इमरान खान पिछले साल यानी August 2023 से लगातार कई मामलों में सजा मिलने के बाद जेल में ही बंद हैं।
इस संभावित प्रदर्शन को देखते हुए पंजाब प्रांत की सरकार ने पहले ही सुरक्षा के बहुत कड़े इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। प्रांत में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए September 23 से लेकर October 5 तक पूरे पंजाब में धारा 144 लागू कर दी गई है। इस नियम के तहत किसी भी सार्वजनिक स्थान या सड़क पर पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन ने रावलपिंडी, अटक, झेलम और मियांवाली जैसे प्रमुख इलाकों में पाकिस्तानी रेंजर्स की तैनाती की भी मांग की है। प्राधिकारी लगातार यह कह रहे हैं कि यह तमाम पाबंदियां सुरक्षा कारणों और आतंकवादियों तथा खुफिया एजेंसियों से मिलने वाले गंभीर खतरों को ध्यान में रखकर लगाई जा रही हैं ताकि आम जनता की सुरक्षा से कोई समझौता न हो सके।
परिवार की महिलाओं की गिरफ्तारी और अदालती कार्यवाही
इस राजनीतिक तनाव के बीच इमरान खान के परिवार के सदस्यों पर भी प्रशासनिक शिकंजा कसता जा रहा है। प्रदर्शन से ठीक पहले उनकी तीन बहनों को हिरासत में ले लिया गया है। सबसे पहले उनकी बहन Aleema Khan को पिछले हफ्ते हिरासत में लिया गया था, और उसके बाद उमा खान यानी Uzma Khan तथा नोरिन नियाजी को पंजाब के मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस के तहत 30 days की अवधि के लिए हिरासत में भेज दिया गया। इन गिरफ्तारियों ने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है और यह मामला गरमाता जा रहा है।
इन गिरफ्तारियों के खिलाफ अदालत में भी सुनवाई चल रही है। हाल ही में लाहौर हाईकोर्ट ने उमा और नोरिन की नजरबंदी के आदेशों पर तुरंत रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर इस मामले पर उनका जवाब मांगा है ताकि अगली सुनवाई में उचित फैसला लिया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वकीलों ने अदालत में दलील दी थी कि ये दोनों महिलाएं राजनीति से दूर रहने वाली साधारण लोग हैं और इन्हें बिना किसी पुख्ता कानूनी आधार के हिरासत में रखा गया है। लेकिन अदालत ने अधिकारियों का जवाब आने तक इंतजार करने का फैसला किया है। दूसरी ओर, कासिम खान ने अपनी बुआओं और अन्य रिश्तेदारों की इस तरह की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कोशिश की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया कि उनके घर में जबरन घुसकर उनके परिवार के सदस्यों को बिना किसी कारण के गाड़ियों में भरकर ले जाया गया है। अब देखना यह होगा कि आगामी 27 September को होने वाले इस संभावित प्रदर्शन और राजनीतिक उठापटक के बाद पाकिस्तान के हालात किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।