पाकिस्तान में बढ़ी राजनीति हलचल, इमरान खान की बहनों की गिरफ़्तारी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर.

Nura Basta21 September 20263 min read2 viewsWorld
पाकिस्तान में बढ़ी राजनीति हलचल, इमरान खान की बहनों की गिरफ़्तारी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर.

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और उनके परिवार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में लाहौर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें इमरान खान की तीन बहनों की 30 दिन की नजरबंदी के आदेश को चुनौती दी गई है और उनकी तुरंत रिहाई की मांग की गई है। इस कानूनी कदम से देश की राजनीतिक फिजा में एक बार फिर से गर्माहट आ गई है और आम लोगों के बीच भी इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर राजनीतिक विरोधियों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है।

अदालत में चुनौती और कानूनी पेचिश

यह याचिका अलीमा खान के बेटे Shahraiz Khan द्वारा दायर की गई है, जिसमें उन्होंने अदालत से निवारक नजरबंदी के आदेशों को पूरी तरह से रद्द करने की अपील की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाहौर के डिप्टी कमिश्नर ने 20 September को लोक व्यवस्था बनाए रखने वाले अध्यादेश की धारा 3 के तहत अलीमा खान, उज्मा खान और नोरिन नियाजी के खिलाफ ये विवादित आदेश जारी किए थे। यह कार्रवाई पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी द्वारा 27 September को नियोजित प्रदर्शनों से ठीक पहले की गई थी, जिससे प्रशासन की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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नजरबंदी को बताया गया पूरी तरह से अवैध

याचिकाकर्ता का कहना है कि लाहौर के डिप्टी कमिश्नर द्वारा जारी किया गया यह नजरबंदी आदेश पूरी तरह से गैरकानूनी और अवैध है। उन्होंने दावा किया कि जब अलीमा खान अपने किसी निजी काम से यात्रा कर रही थीं, तब उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया था। याचिका में यह भी जोर दिया गया है कि ऐसा कोई भी सार्वजनिक जमावड़ा या स्थिति नहीं थी जिससे जनता की शांति को कोई भी खतरा पैदा हो सके। इसके अलावा, दस्तावेजों के अनुसार अलीमा खान और उनके ड्राइवर Muhammad Ameer को लाहौर सेंट्रल जेल में बंद कर दिया गया है।

राजनीतिक द्वेष और प्रशासन की कार्रवाई

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्थानीय प्रशासन ने राजनीतिक विरोधियों के कहने पर पुलिस की मौखिक सलाह पर यह कार्रवाई की है। इस फाइलिंग में जिन प्रमुख अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है उनमें होम डिपार्टमेंट के सचिव, लाहौर के डिप्टी कमिश्नर, कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी और लाहौर सेंट्रल जेल के अधीक्षक शामिल हैं। अलीमा खान के बाद सोमवार को उज्मा खान और नोरिन नियाजी को भी हिरासत में ले लिया गया, जिसके बाद से परिवार और समर्थकों में भारी रोष देखा जा रहा है।

विदेश से आया तीखा रिएक्शन और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग

अपने परिवार के सदस्यों पर लगातार हो रही इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करते हुए इमरान खान के बेटे Kasim Khan ने इन कदमों को पूरी तरह से आपराधिक करार दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने लिखा कि यह बेहद शर्मनाक स्थिति है और अब उनकी बुआ डॉ. उज्मा और नोरिन के साथ-साथ उनके चचेरे भाइयों शेरशाह और शहरयार का भी अपहरण कर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके घरों में जबरन घुसकर बिना किसी ठोस कारण या स्पष्टीकरण के लोगों को गाड़ियों में बिठाकर ले जाया गया है और किसी को कोई जानकारी नहीं दी जा रही है कि उन्हें कहां रखा गया है।

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