शांति और प्रगति को बढ़ावा देने में भारत और अजरबैजान का साझा हित है, बाकू में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बाकू में अजरबैजान के विदेश मंत्री से मुलाकात की और आतंकवाद को दोनों देशों का साझा दुश्मन बताया।

Gautam Sahu23 October 20262 min read0 viewsWorld
शांति और प्रगति को बढ़ावा देने में भारत और अजरबैजान का साझा हित है, बाकू में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर

बाकू (अजरबैजान): विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और अजरबैजान शांति, प्रगति और समृद्धि को बढ़ावा देने के मामले में एक समान हित रखते हैं। उन्होंने आतंकवाद, संघर्ष और अस्थिरता को दोनों देशों का साझा दुश्मन बताया।

अजरबैजान की राजधानी में विदेश मंत्री जेहुन बयरामोव के साथ एक संयुक्त प्रेस बयान जारी करते हुए जयशंकर ने अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समझौते से क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी।

जयशंकर ने भारत के राजनयिक रुख को दोहराते हुए कहा कि सभी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। उन्होंने बताया कि चर्चा के दौरान मध्य पूर्व, पश्चिम एशिया, यूरोप और यूरेशिया के मुद्दों पर बात हुई। उन्होंने कहा कि इन संघर्षों का असर ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं पर भोजन, ईंधन, उर्वरक और वित्त के रूप में पड़ा है।

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विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों में सुधार और उनके विस्तार पर भी विचार साझा किए ताकि उन्हें अधिक प्रासंगिक बनाया जा सके। उन्होंने अपनी बातचीत को उत्पादक बताया और अजरबैजान के विदेश मंत्री को जल्द भारत आने का निमंत्रण दिया।

दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और ऊर्जा क्षेत्रों में आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं, इसलिए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।

कनेक्टिविटी के मुद्दे पर विदेश मंत्री ने इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) में दोनों देशों की मजबूत हिस्सेदारी का जिक्र किया। उन्होंने इस कॉरिडोर में आपसी समन्वय बढ़ाने और हवाई कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने पर सहमति जताई।

एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया के संघर्ष के दौरान ईरान से भारतीय नागरिकों, खासकर छात्रों को निकालने में अजरबैजान द्वारा दी गई मदद के लिए जेहुन बयरामोव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अजरबैजान में रह रहे भारतीय छात्रों की देखभाल के लिए भी धन्यवाद दिया।

इससे पहले विदेश मंत्री ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रपति अलीयेव को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन पहुंचाया। जयशंकर ने इस मुलाकात को रचनात्मक और भविष्योन्मुखी बताया, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।

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