भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अक्टूबर में होगी बड़ी बैठक.

Aanya26 September 20263 min read3 viewsIndia
भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अक्टूबर में होगी बड़ी बैठक.

भारत और बांग्लादेश के बीच आपसी व्यापारिक रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अगले महीने यानी अक्टूबर की शुरुआत में बांग्लादेश का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली का दौरा करेगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप यानी JWG की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें दोनों पड़ोसी देशों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार से जुड़े तमाम अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

यह दौरा दोनों देशों के बीच चल रही निरंतर कूटनीतिक बातचीत का ही एक हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य आपसी व्यापार को आसान बनाना और व्यावसायिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इस बैठक के जरिए दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करने और भविष्य की रणनीतिक साझेदारियों पर बात करेंगे। इस तरह की बैठकों से दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है और आपसी सहयोग के नए रास्ते खुलते हैं।

पिछली बैठकों में किन मुद्दों पर हुई थी चर्चा

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आपको बता दें कि इससे पहले 15वीं ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप की बैठक 26 और 27 सितंबर 2023 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित की गई थी। उस बैठक में दोनों देशों ने कई बड़े मुद्दों पर सहमति जताई थी और कई अहम प्रस्तावों पर काम शुरू किया था। इसमें मुख्य रूप से बंदरगाहों से जुड़े प्रतिबंधों को हटाना, व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता यानी CEPA की शुरुआत के लिए शुरुआती जमीनी काम करना, और दोनों देशों में मानकों का एकीकरण शामिल था। इसके अलावा मानकों की आपसी मान्यता, बांग्लादेश को जरूरी वस्तुओं की नियमित आपूर्ति, और सड़क व रेल बुनियादी ढांचे के विकास पर भी लंबी चर्चा हुई थी।

कनेक्टिविटी और बॉर्डर ट्रेड को मिलेगी मजबूती

भारत और बांग्लादेश के बीच क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्टेशन पर जोर दिया जा रहा है। पिछली बैठकों में लैंड कस्टम्स स्टेशनों और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ बॉर्डर हाट के विकास पर भी काम किया गया था। इन सभी प्रयासों का मकसद सीमा पार व्यापार को बेहद आसान बनाना है ताकि व्यापारियों और आम जनता दोनों को इसका सीधा लाभ मिल सके। दोनों देशों की यह साझा कोशिश रही है कि व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए ताकि समय और लागत दोनों की बचत हो सके।

व्यापार को आसान बनाने के लिए उठाए गए कदम

दोनों देशों ने मिलकर व्यापार को सुगम बनाने के लिए कई बड़े और व्यावहारिक कदम उठाए हैं। उदाहरण के तौर पर, भारत सरकार ने एक सर्कुलर जारी किया था जिसके तहत बांग्लादेश से भारत को रेल के जरिए बंद कंटेनरों में सामान भेजने की अनुमति दी गई है। इसके लिए किसी भी इनलैंड कंटेनर डिपो यानी ICD पर कस्टम्स क्लीयरेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। वहीं दूसरी ओर, बांग्लादेश ने चटगाँव और मोंगला पोर्ट के समझौते के सफल संचालन और विभिन्न लैंड कस्टम्स स्टेशनों के माध्यम से व्यापार किए जाने वाले सामानों की संख्या में बढ़ोतरी की जानकारी दी है। इन सभी उपायों से दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी व्यापार लगातार बढ़ रहा है और भविष्य में इसके और अधिक मजबूत होने की पूरी संभावना है।

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