भारत और बांग्लादेश के बीच पर्यटन वीजा सेवा फिर शुरू होने से चेंगराबांधा सीमा पर उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़

कूचबिहार: भारत और बांग्लादेश के बीच पर्यटन वीजा सेवा फिर से सामान्य होने के बाद चेंगराबांधा अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन केंद्र पर रौनक लौट आई है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक भारत पहुंचे, जिससे सीमा पर काफी चहल-पहल देखी गई।
साल 2024 में बांग्लादेश की आंतरिक अशांति और राजनीतिक उथल-पुथल की वजह से पर्यटकों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई थी। अब वीजा सेवा दोबारा शुरू होने के साथ ही लोग फिर से भारत आने लगे हैं। दुर्गापूजा और दीपावली की छुट्टियों में लोग पहाड़ों और जंगलों की सैर करने के लिए भारत पहुंच रहे हैं।
वीजा सेवा बंद होने से सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग और गंगटोक जाने वाले पर्यटकों की संख्या लगभग शून्य हो गई थी। बांग्लादेश के निवासी जाफरुल इस्लाम ने बताया कि वीजा बंद होने के कारण वह काफी समय से भारत नहीं आ पाए थे और अब वह सिलीगुड़ी के रास्ते गंगटोक जा रहे हैं।
लालमोनिरहाट की विभारानी राय ने कहा कि वह अब तक टेलीविजन पर कोलकाता की दुर्गापूजा देखती थीं, लेकिन इस बार वह इसे प्रत्यक्ष रूप से देखने जा रही हैं। वहीं, गाजीपुर के संजय सूत्रधर फालाकाटा में रिश्तेदारों से मिलने और रंगपुर के मिथुन राय परिवार के साथ सिलीगुड़ी व पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने पहुंचे हैं।
पर्यटकों की कमी का सीधा असर चेंगराबांधा के स्थानीय कारोबार पर पड़ा था। मुद्रा विनिमय व्यवसायी टोटोन गुहा और होटल कारोबारी बापी घोष के मुताबिक, कारोबार इतना प्रभावित हुआ कि कुछ होटलों को बंद तक करना पड़ा था।
स्थानीय वाहन चालक शंभु बर्मन ने बताया कि पहले पर्यटकों के लिए 70 से ज्यादा छोटी गाड़ियां चलती थीं, जो घटकर केवल 30 रह गई थीं। इस वजह से कई चालकों को गाड़ियों की किस्त चुकाने में दिक्कत आई और कुछ को अपना काम तक बदलना पड़ा। अब पर्यटकों की वापसी से होटल बुकिंग और वाहन कारोबार में सुधार होने लगा है।