जॉर्डन के करक में चर्च पर हुए जानलेवा हमले की भारत ने की कड़ी निंदा और आतंकवाद के खिलाफ जताई प्रतिबद्धता
जॉर्डन के करक में चर्च पर हुए जानलेवा हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है। इस हमले में 7 लोगों की मौत हुई और 34 घायल हुए हैं।

नई दिल्ली: भारत ने जॉर्डन के करक में एक चर्च पर हुए जानलेवा हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में सात लोगों की जान चली गई और 34 अन्य लोग घायल हुए हैं। भारत ने इसे एक घिनौना और कायराना कृत्य बताया है।
विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मंत्रालय ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में जॉर्डन की सरकार और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। भारत ने दुनिया भर में आतंकवाद से लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वह करक के चर्च में हुए इस हमले से गहरे सदमे में हैं। उन्होंने मारे गए निर्दोष लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला हमूद गांव के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में हुआ। हमलावरों ने उस समय फायरिंग शुरू कर दी जब वहां एक शवयात्रा (फ्यूनरल) चल रही थी।
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला बिन हुसैन द्वितीय ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि करक पर हुए इस हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। राजा ने कहा कि गोलियों के दम पर जॉर्डन के लोगों को बांटने की कोशिश करने वालों को कोई मौका नहीं मिलेगा और देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वालों से लोहे की मुट्ठी से निपटा जाएगा।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस हमले की निंदा की है। प्रधानमंत्री कार्नी ने इसे एक घृणित आतंकवादी कृत्य बताया, जिसने पूजा स्थल की पवित्रता का उल्लंघन किया है।